11.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Buddhadeb Bhattacharjee : कभी बुद्धदेव बाबू के पास नहीं होते थे रिजर्वेशन टिकट खरीदने के पैसे

Buddhadeb Bhattacharjee : शोक भट्टाचार्य ने कहा कि ईमानदारी के साथ राजनीति की जा सकती है, यह बुद्धदेव बाबू से ही सीखा था. वह कभी खराब शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते थे. कभी कुछ कह भी देते, तो उसमें सुधार कर फिर से बोलते थे. इस तरह के लोग राजनीति में विरल हैं.

Buddhadeb Bhattacharjee : पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य (Buddhadeb Bhattacharjee) से जुड़ीं कई यादें राज्य के पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने साझा कीं. उन्होंने कहा, जब डीवाइएफआइ के पहले सम्मेलन में उनसे मुलाकात हुई थी, तब मैं एसएफआइ से जुड़ा था. उनके साथ लंबे समय तक काम किया. सीएम बनने से पहले जब भी वह सिलीगुड़ी आते, मेरे घर में ही रुकना पसंद करते थे. वह दार्जिलिंग मेल से यात्रा करते थे. साथ में एक बैग होता था, जिसमें कुछ कपड़े रखे होते थे. एक दिन की घटना याद आती है. वह रात में सो रहे थे. कमरे की खिड़की खुली हुई थी. मौका देख किसी चोर ने बुद्धदेव बाबू की धोती, पंजाबी व एक घड़ी उड़ा ली. दूसरे दिन वह मेरा कुर्ता पहन कर कोलकाता रवाना हुए थे. जो घड़ी चोरी हुई थी, उससे उन्हें काफी लगाव था. किसी रिश्तेदार ने उन्हें भेंट में दी थी.

पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने साझा की पूर्व सीएम से जुड़ीं यादें

पूर्व मंत्री ने बताया कि एक समय ऐसा भी था, जब बुद्धदेव बाबू के पास रिजर्वेशन तक के रुपये नहीं थे. वह ट्रेन की जनरल बोगी में सफर करते थे. कई बार तो ट्रेन में बैठने की जगह नहीं मिलती, खड़े-खड़े कोलकाता पहुंच जाते. जब 1977 में वह मंत्री बने, तब से सर्किट हाउस में ठहरने लगे थे. पहाड़ से लेकर कामतापुरी आंदोलनों को वह बेहतर तरीके से सुलझाने में जुटे रहते. रोते-रोते अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि ईमानदारी के साथ राजनीति की जा सकती है, यह बुद्धदेव बाबू से ही सीखा था. वह कभी खराब शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते थे. कभी कुछ कह भी देते, तो उसमें सुधार कर फिर से बोलते थे. इस तरह के लोग राजनीति में विरल हैं.

Buddhadeb Bhattacharjee : पीएम मोदी से लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक ने बुद्धदेव भट्टाचार्य को लेकर कहा..

Shinki Singh
Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel