कोलकाता में स्वास्थ्य भवन के बाहर आशा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, ये हैं उनकी मांगें

बैरिकेड को पार करने की कोशिश करती आशा कर्मियों को पुलिस ने रोका.
ASHA Workers Protest: पश्चिम बंगाल में आशा कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन जारी है. पिछले महीने शुरू हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन के तहत राजधानी कोलकाता में बुधवार को स्वास्थ्य भवन के बाहर आशा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वाली आशा कार्यकर्ता न्यूनतम मानदेय में वृद्धि समेत अपनी अन्य मांगों के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन कर रहीं हैं.
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ASHA Workers Protest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले आशा कार्यकर्ताओं ने राजधानी कोलकाता में बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया. सॉल्ट लेक स्थित पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ‘स्वास्थ्य भवन’ के बाहर सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. ये लोग न्यूनतम मासिक मानदेय और बीमा राशि में वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए आंदोलन कर रहीं हैं.
अवरोधक तोड़कर स्वास्थ्य भवन की ओर बढ़ीं आंदोलनकारी
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति तब तनावपूर्ण हो गयी, जब प्रदर्शनकारियों ने इमारत के प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए अवरोधक तोड़ दिये. हालांकि, पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य द्वार को बंद कर दिया. प्रदर्शनकारी मान्यताप्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) कार्यकर्ता इसके बाद ‘स्वास्थ्य भवन’ के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गयीं.
15000 रुपए न्यूनतम मानदेय चाहती हैं आशा कार्यकर्ता
आशा कार्यकर्ताओं की मांगों में मासिक मानदेय को बढ़ाकर न्यूनतम 15,000 रुपए करने, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर देना शामिल है. प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने यह भी धमकी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगी.
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ASHA Workers Protest: आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य भवन की ओर किया मार्च
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के लिए कम से कम 10 से 15 प्रतिनिधियों को मिलने की अनुमति दी जाये. दोपहर के आसपास वाहनों की आवाजाही भी कुछ समय के लिए बाधित हो गयी, क्योंकि बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता ‘स्वास्थ्य भवन’ की ओर मार्च करने के लिए इलाके में एकत्र हो गयीं.
जब तक ठोस समाधान नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा – आशा कार्यकर्ता
प्रदर्शन कर रही एक आशा कार्यकर्ता ने कहा- हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि अधिकारियों ने हमसे बातचीत करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर 2025 से उनका काम रोको अभियान जारी है. जब तक राज्य के स्वास्थ्य मंत्री या विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कोई ठोस समाधान नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
भाजपा ने खराब स्वास्थ्य सेवाओं की आलोचना की
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुकांत मजूमदार ने आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया और राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘खराब’ स्वास्थ्य सेवाओं की आलोचना की. बंगाल में इसी साल अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है.
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By Mithilesh Jha
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