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प्रदूषण पर जागरूकता से ही अंकुश: मेयर

Updated at : 10 Sep 2025 10:59 PM (IST)
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प्रदूषण पर जागरूकता से ही अंकुश: मेयर

मेयर फिरहाद हकीम ने बुधवार को छात्र समुदाय से पर्यावरण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई के खिलाफ मुखर होने और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है और हमारी पीढ़ी को इस बात का गहरा अफसोस होना चाहिए, क्योंकि हम स्वच्छ पर्यावरण के लिए कुछ खास नहीं कर पाये.

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कोलकाता.

मेयर फिरहाद हकीम ने बुधवार को छात्र समुदाय से पर्यावरण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई के खिलाफ मुखर होने और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है और हमारी पीढ़ी को इस बात का गहरा अफसोस होना चाहिए, क्योंकि हम स्वच्छ पर्यावरण के लिए कुछ खास नहीं कर पाये. उन्होंने कहा कि पर्यावरण जागरूकता के लिए एक व्यापक आंदोलन शुरू करना हम लोगों की जिम्मेदारी है, ताकि आपको अपनी अगली पीढ़ी के सामने हमारी गलतियों का पछतावा न करना पड़े. हमें सक्रिय होना होगा और प्रदूषण अंकुश लगाने के लिए संदेश फैलाना होगा. बता दें कि फिरहाद हकीम ने बुधवार सुबह टाउन हॉल में अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु और नीला आकाश दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. मेयर ने कार्यशाला में शामिल स्कूली छात्रों और उनके शिक्षकों को एक-एक पौधा गोद लेने और उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी लेने की सलाह दी. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि अगर किसी स्थान पर इमारत को ढके बिना तोड़-फोड़ या मरम्मत किया जा रहा है, तो निगम को सूचित करें. मेयर ने कहा : अगर आपको लगे कि बस या अन्य वाहनों से काला धुआं निकल रहा है, तो आपको विरोध करना चाहिए और ट्रैफिक पुलिस को सूचित करें. मेयर ने कहा कि राज्य सरकार बैटरी चालित या सीएनजी वाहनों पर जोर दे रही है और रवींद्र सरोवर और सुभाष सरोवर में मियावाकी वन स्थापित किये गये हैं.

हकीम ने कहा कि कोलकाता सहित पूरे राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सचेत प्रयास किये जा रहे हैं.

कार्यक्रम में उपस्थित बोस इंस्टीट्यूट के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अभिजीत चटर्जी ने बताया कि एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि कोलकाता में ठोस ईंधन-बायोमास के जलने से होने वाला प्रदूषण वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के स्तर को पार कर गया है. मौके पर पर्यावरण विशेषज्ञ स्वाति नंदी चक्रवर्ती, दीपांजलि मजूमदार आदि ने भी अपने विचार रखे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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