अमित मालवीय का पश्चिम बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप, एक्स से पांच यूजर्स की जानकारी मांगने पर जतायी आपत्ति

Updated at : 11 Feb 2026 12:07 PM (IST)
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अमित मालवीय का पश्चिम बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप, एक्स से पांच यूजर्स की जानकारी मांगने पर जतायी आपत्ति

Amit Malviya: अमित मालवीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार हैं और यह दिखाती हैं कि किस तरह राज्य की मशीनरी को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मोड़ा जा रहा है.

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Amit Malviya: कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर पश्चिम बंगाल पुलिस पर शक्ति के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य पुलिस ने एक हत्या मामले की आड़ में सोशल मीडिया यूजर्स की जानकारी जुटाने की कोशिश की है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है. अमित मालवीय के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने ‘एक्स’ को नोटिस भेजकर पांच ट्विटर यूजर्स के ई-मेल आईडी, आईपी एड्रेस और संपर्क विवरण मांगे हैं. यह नोटिस कथित तौर पर सोना व्यापारी स्वपन कामिल्या की हत्या के मामले से जुड़ा बताया गया है.

सोशल मीडिया यूजर्स का डेटा खंगालने में जुटी पुलिस

उन्होंने कहा कि इस मामले के तथ्य पहले से ही सबके सामने हैं. नवंबर 2025 में कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में स्वपन कामिल्या की हत्या हुई थी. इस मामले में कूचबिहार के तृणमूल कांग्रेस नेता सजल सरकार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपित बीडीओ अब भी फरार है. फरार आरोपित ने सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण की मांग की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उसे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है. अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि फरार आरोपित को पकड़ने और न्याय सुनिश्चित करने पर ध्यान देने के बजाय राज्य पुलिस इस हत्या मामले को बहाना बनाकर सोशल मीडिया यूजर्स का डेटा खंगालने में जुटी है.

बंगाल में हो रही राजनीतिक पुलिसिंग

भाजपा नेता ने कहा कि यह किसी भी तरह से निष्पक्ष जांच नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक पुलिसिंग का उदाहरण है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को असहमति दबाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और न ही आपराधिक मामलों का दुरुपयोग डिजिटल निगरानी के लिए होना चाहिए. अमित मालवीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार हैं और यह दिखाती हैं कि किस तरह राज्य की मशीनरी को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मोड़ा जा रहा है. उनके मुताबिक, इसका असली मकसद तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करने वाली आवाज़ों की पहचान करना, उन्हें डराना और चुप कराना है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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