चुनाव आयोग सख्त, सीइसी बोले- कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

ममता बनर्जी एसआइआर मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बैठक में उठाये गये मुद्दों पर आयोग के शीर्ष अधिकारियों की प्रतिक्रिया सुने बिना ही नाराज होकर चली गयीं.
कोलकाता/नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बैठक में उठाये गये मुद्दों पर आयोग के शीर्ष अधिकारियों की प्रतिक्रिया सुने बिना ही नाराज होकर चली गयीं. अधिकारियों के अनुसार, सीइसी ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से कहा कि कानून का शासन सर्वोपरि रहेगा. कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कानून के प्रावधानों और निर्वाचन आयोग की शक्तियों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी.
अधिकारियों ने बताया कि पहले तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी बात रखी. इसके बाद ममता बनर्जी ने बात की. उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उठाये गये सभी बिंदुओं को सीइसी कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी ने नोट किया. एक अधिकारी ने कहा कि जब सीइसी ने जवाब देना शुरू किया, तो तृणमूल नेताओं ने कई बार बीच में हस्तक्षेप किया. ममता बनर्जी नाराज थीं और गुस्से में बैठक छोड़कर चली गयीं. अधिकारी के अनुसार सीइसी ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन कायम रहेगा. अधिकारी ने बताया कि सीइसी कुमार ने तृणमूल नेताओं से कहा कि पार्टी के विधायक आयोग और विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ खुले तौर पर अपमानजनक व धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. एक अधिकारी ने कहा कि सीइसी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि एसआइआर में लगे अधिकारियों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए और न ही उनके काम में बाधा या हस्तक्षेप किया जाना चाहिए. बीएलओ को देय मानदेय बिना किसी देरी के समय पर जारी किया जाना चाहिए. अभी तक प्रति बीएलओ 18,000 रुपये में से सिर्फ 7,000 रुपये का भुगतान किया गया है.
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