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कांग्रेस विधायकों से भरवाये गये वफादारी बॉन्ड पर बवाल, पार्टी आलाकमान नाराज

Updated at : 26 May 2016 2:42 AM (IST)
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कांग्रेस विधायकों से भरवाये गये वफादारी बॉन्ड पर बवाल, पार्टी आलाकमान नाराज

कोलकाता: विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से जीतनेवाले विधायकों से वफादारी बॉन्ड भरवाये जाने से कांग्रेस आलाकमान काफी नाराज दिख रहा है. सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी द्वारा पार्टी के विधायकों से वफादारी का लिखित बॉन्ड भरवाया था. कथित तौर पर कांग्रेस […]

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कोलकाता: विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से जीतनेवाले विधायकों से वफादारी बॉन्ड भरवाये जाने से कांग्रेस आलाकमान काफी नाराज दिख रहा है. सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी द्वारा पार्टी के विधायकों से वफादारी का लिखित बॉन्ड भरवाया था.
कथित तौर पर कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी को संबोधित कर वफादारी बॉन्ड में सभी विधायकों को हस्ताक्षर करना था. 100 रुपये कीमत के स्टैंप पेपर में जारी किये गये शपथ पत्र में यह वादा लिया गया है कि विधायक पार्टी विरोधी किसी भी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे. बताया जा रहा है कि यह पहल कांग्रेस आलाकमान को बताये बगैर ही उठाया गया था. सूत्रों के अनुसार विधायकों से बॉन्ड भरवाये जाने का फैसला पार्टी के सांसदों, जिला स्तर के अध्यक्ष और राज्य स्तर के पार्टी नेताओं द्वारा एक बैठक के बाद लिया गया था.
जबरन नहीं भरवाया गया बॉन्ड
बाॅन्ड भरवाये जाने के कारण के संब‍ंध में कथित तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि यह कोई ऐसा बॉन्ड नहीं है, जिसमें किसी को हस्ताक्षर करने को मजबूर किया गया हो, ताकि उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सके. बल्कि यह शपथ पत्र पार्टी के प्रति उनकी वफादारी काे दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में नेताओं के बीच कई बातों या फैसलों पर मतभेद हो सकता है, लेकिन कोई उसकी वजह से पार्टी के खिलाफ कोई काम न करे.
क्या हैं बॉन्ड में मुख्य बातें
कथित तौर पर विधायकों से जिस बॉन्ड में हस्ताक्षर कराये गये हैं उसके पहले हिस्से में लिखा है- ‘हम पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रति अपनी ईमानदारी बरते जाने की कसम खाते हैं.’ दूसरे प्वाइंट में लिखा है, ‘एक विधानसभा सदस्य के तौर पर मैं किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहूंगा या रहूंगी. यदि मैं पार्टी के किसी फैसले या नीति से सहमत नहीं हूं, तो भी पार्टी के खिलाफ कोई भी बयान नहीं दूंगा या दूंगी. ऐसा कोई भी बयान देने से पहले मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा.’ विधायक अब्दुल मन्नान ने एक न्यूज चैनल को इस बारे में कहा है कि ऐसी पहल में कुछ भी गलत नहीं है. यह सही दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है. इससे विधायक पार्टी के हितों से नहीं भटकेंगे.
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