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घर-घर नल जल पहुंचाने के लिए और 66 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे : मुख्यमंत्री

Updated at : 27 Nov 2024 12:47 AM (IST)
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घर-घर नल जल पहुंचाने के लिए और 66 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे : मुख्यमंत्री

योजना पर अब तक खर्च हुए हैं 55 हजार करोड़

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योजना पर अब तक खर्च हुए हैं 55 हजार करोड़ अभी भी 1.75 करोड़ परिवार तक नल के माध्यम से जल पहुंचाना बाकी योजना के क्रियान्वयन में देरी पर मुख्यमंत्री ने जतायी नाराजगी कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नल के माध्यम से घर-घर जल पहुंचाने की योजना के क्रियान्वयन में देरी पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने राज्य सचिवालय से सभी जिलों के डीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की और योजना का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. राज्य सचिवालय में बैठक के दौरान राज्य के शहरी विकास व नगर निकाय मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम, जन स्वास्थ्य एवं अभियंत्रिकी (पीएचई) मंत्री पुलक राय, मुख्य सचिव मनोज पंत तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना पर राज्य सरकार ने अब तक 55 हजार करोड़ रुपये खर्च किये हैं. अभी भी राज्य में 1.75 करोड़ परिवारों तक नल के माध्यम से जल पहुंंचाने का काम बाकी है. इसे क्रियान्वित करने के लिए योजना के तहत और 66 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. मिट्टी की जांच किये बिना पाइप लगाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर देखा गया है कि मिट्टी की जांच के बिना ही पाइप लगाया गया. सुश्री बनर्जी ने ऐसे सभी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने पाइप लगाने से पहले मिट्टी की जांच व क्षेत्र का सर्वे नहीं कराया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है. ऐसे ठेकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. पीएचइ विभाग में अस्थायी रूप से अभियंताओं की नियुक्ति का दिया आदेश: मंगलवार को बैठक के दौरान विभागीय मंत्री ने बताया कि विभाग में पर्याप्त संख्या में अभियंता उपलब्ध नहीं हैं, जिसकी वजह से योजना के क्रियान्वयन में देरी हो रही है. इसके बाद मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, एचआरबीसी सहित अन्य विभागों के अभियंताओं को अस्थायी रूप से पीएचई विभाग के इस योजना के साथ जोड़ने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का काम तय समय पर पूरा करना ही हमारा लक्ष्य है और जब तक पाइप के माध्यम से लोगों तक पानी नहीं पहुंच जाता, यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचई विभाग में अस्थायी रूप से अभियंताओं की नियुक्ति के लिए गाइडलाइन जारी किया जायेगा और नियमानुसार इनकी नियुक्ति की जायेगी. योजना पर निगरानी रखने के लिए कमेटी का गठन मुख्यमंत्री ने योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करने के लिए मुख्य सचिव मनोज पंत के नेतृत्व में कमेटी गठित करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कमेटी में मुख्य सचिव के साथ ही वित्त, सिंचाई, पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग के अधिकारी होंगे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह स्वयं योजना पर निरंतर नजर रखेंगी. पाइप चोरी की घटना पर सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि कई स्थानों से पाइप चोरी होने की घटनाएं सामने आ रही हैं. कई जगहों पर पाइप काट कर पानी का खेती के लिए उपयोग किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी इस प्रकार की घटना हो रही है, वहां कड़ी कार्रवाई की जाये. पाइप लगाने को लेकर भी कई जगहों पर विवाद हो रहा है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल पाना हर नागरिक का अधिकार है. इसलिए इस योजना के क्रियान्वयन में कोई ग्राम पंचायत या कोई व्यक्ति बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर कहीं से भी इस प्रकार की घटना सामने आती है तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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