भूजल स्तर बढ़ाने के लिए बनेंगे 54 रिचार्ज पिट

Updated at : 02 Mar 2025 1:04 AM (IST)
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भूजल स्तर बढ़ाने के लिए बनेंगे 54 रिचार्ज पिट

महानगर में भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए भी हितकर होगा.

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शिव कुमार राउत ,कोलकाता

महानगर में भूजल स्तर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए भी हितकर होगा. भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए कोलकाता में 54 जगहों पर रिचार्ज पिट तैयार किये जायेंगे. इनके जरिये बारिश के पानी को रिचार्ज किया जायेगा. कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के सीवरेज व ड्रेनेज विभाग इन रिचार्ज पिट को तैयार करेगा. विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानगर में पहली बार भूजल को रिचार्ज किये जाने के लिए रिचार्ज पिट तैयार किये जायेंगे. इस संबंध में निगम के सीवरेज व ड्रेनेज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बारिश का पानी इधर-उधर बह कर व्यर्थ न हो, इसके लिए रिचार्ज पिट बनाये जायेंगे. यह भूजलस्तर को बढ़ाने में सहायक साबित होगा. उन्होंने बताया कि रिचार्ज पिट को तैयार करने के लिए महानगर को तीन जोन में बांटा गया है. इसके अनुसार, नॉर्थ जोन में 10, सेंट्रल जोन में 15 और साउथ जोन में कुल 29 रिचार्ज पिट तैयार किये जायेंगे. अधिकारी रिचार्ज पीट सह सीवरेज विभाग के अन्य परियोजनाओं को 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जायेगा. वहीं, 150 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं. सभी कार्यों को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

बता दें कि वनों की कटाई की वजह से वर्षा जल को रोकने की भूमि की प्राकृतिक क्षमता कम हो गयी है. वहीं, बारिश का पानी बहुमूल्य माना जाता है. शहरी क्षेत्रों में बारिश का पानी विभिन्न मैनहोल व सीवरेज के माध्यम से बह कर नदियों तक पहुंता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. इस स्थिति से निबटने के लिए रिचार्ज पिट तैयार किये जायेंगे.

क्या है रिचार्ज पिट:

रिचार्ज पिट एक बंद कुएं जैसी संरचना होती है, जिसे जमीन खोद कर गड्ढा बनाने के बाद पत्थरों को भरकर ढक दिया जाता है. वहीं, बारिश के पानी को रोड़ी, रेत, कोयला व पत्थरों से बने रिचार्ज पिट के माध्यम से पिट के निचले स्तर से रिचार्ज शाफ्ट लगाकर सीधे जमीन में डाला जाता है.

सीवरेज विभाग के अन्य कार्यों पर एक नजर :

500 करोड़ के प्रोजेक्ट में महानगर में 13 खालों की ड्रेजिंग भी शामिल है. इसके अलावा कोलकाता की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किये जाने के लिए पांच जगहों पर स्थित तालाबों के जल धारण करने की क्षमता बढ़ायी जायेगी. साथ ही यह व्यवस्था भी की जायेगी कि भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जमने वाले पानी की निकासी तालाबों में की जा सके. बता दें कि यह व्यवस्था फिलहाल 11 नंबर वार्ड के तालाब, वार्ड संख्या 114 में दो सह वार्ड संख्या 65, 94 और 117 नंबर वार्ड के एक-एक तालाबों में उपलब्ध होगी. इसके अलावा जल निकासी के लिए महानगर में सात ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन बनाये जायेंगे. इनमें से एक दही घाट बैरेज सह पंपिंग स्टेशन का कार्य जारी है. इस परियोजना को करीब 132 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जायेगा.

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