कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि जनता के पैसों का दुरुपयोग कर राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ विज्ञापन दिये जा रहे हैं. यह असंवैधानिक है.
राष्ट्र के कानून के खिलाफ ऐसा कैसे किया जा सकता है. राजभवन में संवाददाताओं से बातचीत में राज्यपाल ने इसे जनता के पैसे का आपराधिक इस्तेमाल बताया. उन्होंने कहा कि तत्काल इन विज्ञापनों को वापस लिया जाना चाहिए. जनता के पैसों का इस्तेमाल राष्ट्र के कानून के खिलाफ आंदोलन में नहीं किया जा सकता. एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राज्यभर में हो रहे प्रदर्शन के संबंध में उनका कहना था कि यह दुखद है.
यह वक्त है जब सभी नागरिकों को एकजुट होकर शांति और कानून-व्यवस्था के लिए आगे आना होगा. उनका कहना था कि इस मौके पर भी कुछ राजनेता राजनीतिक फसल काटने की कोशिश कर रहे हैं. इस वक्त जुबानी कदम की नहीं बल्कि एक्शन की जरूरत है.
प्रशासन के कुछ हिस्सों में जिम्मेदारी का अभाव दिख रहा है. पुलिस को हालात की समझ पहले से ही होनी चाहिए थी और समुचित तैयारी करनी चाहिए थी. वह मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वह प्रशासन पर ध्यान दें. जरूरत पड़े तो वह मदद भी ले सकती हैं. संविधान में इसका प्रावधान है. यह वक्त राजनीति करने का नहीं है. हालात और विज्ञापनों ने मुर्शिदाबाद, मालदा और नदिया के लोगों में डर की स्थापना की है.
लोगों के आत्मविश्वास को लौटाने की जरूरत है. हालात से निपटने के लिए रणनीति, नियंत्रण की जरूरत है. हालांकि देखा जा रहा है कि कुछ नेता अभी भी राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं. सभी का लक्ष्य एक ही दिशा में होना चाहिए कि राज्य में शांति की स्थापना हो. प्रशासन को ‘ओवरड्राइव’ मोड में आने की जरूरत है.
