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पश्चिम बंगाल : प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा- मुख्यमंत्री जगह तय करें लेकिन बैठक खुले में होनी चाहिए

Updated at : 16 Jun 2019 6:41 PM (IST)
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पश्चिम बंगाल : प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा- मुख्यमंत्री जगह तय करें लेकिन बैठक खुले में होनी चाहिए

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके साथ बैठक की जगह तय करने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैठक खुले में होनी चाहिए. बनर्जी ने रविवार को प्रदर्शनकारियों को बंद कमरे में […]

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके साथ बैठक की जगह तय करने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैठक खुले में होनी चाहिए. बनर्जी ने रविवार को प्रदर्शनकारियों को बंद कमरे में बैठक के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने उनकी इस पेशकश को ठुकरा दिया था.

अपने संचालन मंडल की ढाई घंटे चली बैठक के बाद जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने मीडिया से कहा, ‘हमलोग इस गतिरोध को दूर करने के इच्छुक हैं. हमलोग मुख्यमंत्री के साथ उनके पसंद की जगह पर बैठक करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बैठक बंद कमरे में नहीं बल्कि मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में खुले में होनी चाहिए.’

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों से प्रतिनिधि बैठक में शामिल हो सकें, इसके लिए बैठक स्थल पर पर्याप्त जगह होनी चाहिए. इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया था कि मुख्यमंत्री एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आएं. उन्होंने कहा, ‘आम जनता के बेहतर हित के लिए हमलोग भी जल्द से जल्द ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं बशर्ते पर्याप्त एवं तर्कपूर्ण चर्चा के माध्यम से हमारी सभी मांगों को पूरा किया जाए.’

जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल जारी, रोगी बेहाल

बंगाल में जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल का खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि रविवार को छठे दिन भी सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों में सेवाएं बाधित रहीं. कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में रायगंज निवासी सैम्युएल हक ने बताया कि अपने इलाज को लेकर वह आश्वस्त नहीं हैं. वह हृदय रोग से पीड़ित हैं.

उनके भाई ने कहा, ‘हम पिछले रविवार को कोलकाता आये थे जब सब कुछ सामान्य था और बाह्य रोगी विभाग काम कर रहा था. हमने उन्हें आपातकालीन स्थिति में भर्ती कराया और चिकित्सकों ने जांच के लिए मंगलवार का समय दिया था जिसके बाद सर्जरी की तारीख तय होनी थी.’

उन्होंने कहा कि लेकिन अब चिकित्सक हक का इलाज नहीं कर रहे हैं. वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि जांच करने के लिए पर्याप्त लोग नहीं हैं. उनके भाई ने कहा, ‘उनकी हालत खराब हो रही है. हम उन्हें घर नहीं ले जा सकते क्योंकि मेरे भाई के लिए रेलगाड़ी में लंबी दूरी की यात्रा करना संभव नहीं है. हम सोमवार तक प्रतीक्षा करेंगे.’

कई अस्पतालों में आपातकालीन वार्ड, बाह्य रोगी सेवा और जांच इकाइयां बुरी तरह प्रभावित हैं. एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सोमवार की रात एक रोगी की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा दो डॉक्टरों के साथ मारपीट किये जाने के बाद चिकित्सकों की हड़ताल शुरू हुई. वे पर्याप्त सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

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