नयी दिल्ली/कोलकाता : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले. दिन में जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी की ओर से आयोजित विपक्षी दलों की रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि पश्चिम बंगाल में उनकी लड़ाई माकपा और कांग्रेस के साथ है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर हम सभी एकजुट हैं.
फिर शाम में विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने राकांपा नेता शरद पवार के घर पर एक बैठक की जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को पहली बार एकसाथ देखा गया. इस बैठक में ममता भी मौजूद रहीं. विपक्षी नेताओं ने लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत राजग के खिलाफ लड़ने के लिए एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के साथ काम करने का निर्णय किया.
बैठक के बाद सबसे पहले राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी नेताओं ने एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाये जाने पर सहमति जतायी. गांधी ने कहा: हम भाजपा को हराने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वार्ता को सकारात्मक बताया और कहा कि विपक्ष साथ मिलकर काम करेगा.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बैठक को ‘फलदायी’ करार दिया और कहा कि ‘हम चुनाव पूर्व गठबंधन करेंगे.’ तेदेपा प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत को बचाने की एक लोकतांत्रिक मजबूरी है.
जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला ने बैठक को ‘‘अच्छा’ करार दिया.
इससे पहले सुश्री बनर्जी ने जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी की अोर से आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र ‘नमोतंत्र’ में तब्दील हो गया है और देश में स्थिति आपातकाल से भी ज्यादा खराब है. साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्ष राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर लड़ेगा.
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से उनके घर पर पूछताछ करने के सीबीआइ के असफल प्रयास को लेकर भी केंद्र पर हमला बोला और कहा कि उन्होंने किसी भी सरकार को ‘इतना नीचे गिरते’ नहीं देखा. लोकसभा के अनिश्चितकाल तक स्थगित होने के बाद उन्होंने कहा, “संसद में निर्वाचित नेता के तौर पर आज प्रधानमंत्री का आखिरी दिन था.” सुश्री बनर्जी ने कहा, “हर कोई गब्बर सिंह से डरता है.
ऐसे दो गब्बर सिंह हैं – (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी और (भाजपा अध्यक्ष अमित) शाह.” तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारुक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने रैली में अपनी-अपनी बातें कहीं. गौरतलब है कि बुधवार को जंतर मंतर में विपक्षी पार्टियों की रैली में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन ममता बनर्जी जैसे ही मंच पर पहुंचीं, वह मंच से उतर कर चले गये.
दिल्ली में गोरखा वेलफेयर सेंटर का हुआ शिलान्यास
दार्जिलिंग. दिल्ली के साकेत में बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जीटीए के चेयरमैन विनय तमांग ने गोरखा वेलफेयर सेंटर निर्माण का शिलान्यास किया. तकरीबन 20 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इस सेंटर से बंगाल के साथ-साथ पूरे देश के गोरखाओं को राजधानी में सुविधा होगी. विनय तमांग ने बताया कि निर्माण कार्य दो साल में पूरा होगा.
श्री तमांग ने कहा कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र, तराई व डुआर्स से शिक्षा और चिकित्सा के लिए दिल्ली आनेवाले लोग इस सेंटर से लाभ उठा सकेंगे. दिल्ली के सफदरजंग में भी एक वेलफयर सेंटर है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था. इसलिए दिल्ली के साकेत में नया और बड़ा गोरखा वेफयर सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया.
यह चारमंजिला भवन होगा और उसमें 32 कमरा रहेंगे. इसमें 70 लोग आराम से एक साथ रुक सकेंगे. 20,832 वर्गफुट जमीन मे बन रहे इस सेंटर में 44 से अधिक गाड़ियों के लिए पार्किंग स्थल रहेगा. इस परियोजना पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे और निर्माण इसी माह से शुरू होगा. 2021 में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा.साकेत की यह जमीन 18 साल पहले दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद (दागोपाप) को केंद्र सरकार ने दी थी.
लेकिन दागोपाप और उसके बाद जीटीए के इस जमीन पर ध्यान नहीं देने के कारण उस पर भू माफिया ने अतिक्रमण कर लिया था. वर्तमान जीटीए प्रशासन ने इस जमीन को वापस हासिल किया. इसके लिए दिल्ली हाई कोर्ट का सहारा भी लिया गया.शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तमांग ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया. इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा गठित 15 विकास बोर्डों के चेयरमैनों का भी श्री तामांग ने आभार प्रकट किया.
मंच पर ममता के आते ही वाम नेता चल दिये
नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी की दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार को आयोजित ‘तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह’ रैली में विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया. सबसे दिलचस्प यह रहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पहुंचने से पहले ही वाम नेता मंच से उतर गये. रैली में भाकपा के डी राजा, माकपा के सीताराम येचुरी, एनसीपी के शरद पवार, नेकां के फारुक अबदुल्ला, सपा के रामगोपाल यादव, एलजेडी प्रमुख शरद यादव सहित अन्य नेता रैली शामिल हुए.
सभी नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. डी राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में संविधान खतरे में है. उन्हें परास्त करना होगा. येचुरी ने आरोप लगाया कि देश को बचाने के लिए ‘चौकीदार’ को हटाना होगा.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी