शुक्रवार तक धरने पर डटी रहेंगी ममता, बोलीं- जान दे दूंगी पर पीछे नहीं हटूंगी

कोलकाता : कोलकाता पुलिस प्रमुख से सीबीआई द्वारा पूछताछ करने के प्रयास के विरोध में ममता बनर्जी का धरना आज दूसरे दिन भी जारी है. इस बीच उन्होंने ऐलान किया है कि उनका धरना शुक्रवार तक जारी रहेगा. उन्होंने कहा, जान दे दूंगी पर पीछे नहीं हटूंगी. इधर धरने पर बैठी ममता बनर्जी को विपक्ष […]
कोलकाता : कोलकाता पुलिस प्रमुख से सीबीआई द्वारा पूछताछ करने के प्रयास के विरोध में ममता बनर्जी का धरना आज दूसरे दिन भी जारी है. इस बीच उन्होंने ऐलान किया है कि उनका धरना शुक्रवार तक जारी रहेगा. उन्होंने कहा, जान दे दूंगी पर पीछे नहीं हटूंगी. इधर धरने पर बैठी ममता बनर्जी को विपक्ष का पूरा साथ मिल रहा है. ममता से मिलने के लिए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजेडी नेता तेजस्वी यादव और डीएमके नेता कनिमोझी मिलने के लिए पहुंचे हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने संविधान और देश की रक्षा का लक्ष्य हासिल होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है और कहा कि इसके परिणामों को झेलने के लिए वह तैयार हैं. पश्चिम बंगाल के राजनीतिक भूचाल का असर नयी दिल्ली और कई राज्यों की राजधानियों में भी महसूस किया गया, क्योंकि इस मुद्दे पर बनर्जी के आक्रामक रूख का कई क्षेत्रीय दलों ने समर्थन किया, जो लोकसभा चुनावों से पहले गैर भाजपा गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
टीएमसी प्रमुख ने धरना स्थल पर संवाददाताओं से कहा, यह सत्याग्रह है और देश की रक्षा… संविधान की रक्षा होने तक यह जारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के पुतले जलाए जाने के बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल में उत्पन्न स्थितियों को दुर्भाग्यपूर्ण और अभूतपूर्व करार दिया और कहा कि यह संवैधानिक व्यवस्था के चरमरा जाने का संकेत है.
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सिंह ने लोकसभा में कहा, कल की घटनाएं पश्चिम बंगाल में संवैधानिक व्यवस्था के टूटने की ओर इशारा करती हैं. केंद्र सरकार को देश के किसी भी हिस्से में स्थिति सामान्य बनाए रखने का अधिकार है. सिंह ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से रिपोर्ट मांगी है जिसे राजभवन ने तुरंत भेज दिया. बहरहाल, रिपोर्ट का ब्यौरा पता नहीं चल सका है.कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से सारधा और रोज वैली चिटफंड घोटाले में सीबीआई द्वारा पूछताछ करने का विफल प्रयास भाजपा नीत केंद्र सरकार और बनर्जी के बीच तनातनी का हालिया कारण बन गया है. बनर्जी विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करती रही हैं. सीबीआई ने कुमार पर धोखाधड़ी के दोनों मामलों में दस्तावेज नष्ट करने का आरोप लगाया है.
कोलकाता पुलिस ने सीबीआई की टीम को कुमार के घर में घुसने से रोक दिया, उन्हें जीपों में भरकर थाने ले गए और हिरासत में रखा. पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने महानगर में सीबीआई के परिसरों को घेर लिया और कोलकाता के मेट्रो सिनेमा के आगे धरना देने से पहले ममता बनर्जी, कुमार के आवास पर भी गईं. सारधा और रोज वैली समूह के प्रवर्तकों ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, बिहार और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लाखों लोगों से ठगी की थी.
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सारधा घोटाला करीब चार हजार करोड़ रुपये का है और रोज वैली घोटाला करीब 15 हजार करोड़ रुपये का है. दोनों चिटफंड कंपनियों से कथित तौर पर जुड़े होने के कारण सांसद कुणाल घोष, सृंजय बोस, सुदीप बंदोपाध्याय, तपस पाल, राज्य के मंत्री मदन मित्रा सहित तृणमूल कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार किए गए थे.
राजनीतिक तापमान बढ़ने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध में रेलमार्ग जाम कर दिया. बनर्जी ने कहा, हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन चाहते हैं. कृपया यहां कोई पुतला मत जलाइए. बनर्जी रविवार की रात से जिस स्थान पर धरना दे रही हैं, वहां बैनर लगे हैं जिन पर लिखा हुआ है, संविधान की रक्षा करो, संघीय ढांचे की रक्षा करो, पुलिस बल को बचाओ, भारतीय प्रशासनिक सेवा और सिविल सेवा के सभी रैंक को खत्म होने से बचाओ.
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धरनास्थल पर बनर्जी ने लोगों से कहा, मुझे किसी व्यक्ति से नाराजगी नहीं है. लेकिन मेरी नाराजगी इस बात से है कि किस तरह से संस्थानों को खत्म किया जा रहा है और उनका दुरूपयोग किया जा रहा है. बनर्जी ने कहा, जिन लोगों ने दोषियों को पकड़ने में मदद की उन्हें आप चोर बता रहे हैं. आप राजीव कुमार (कोलकाता पुलिस आयुक्त) को चोर कह रहे हैं. उन्होंने किसका धन ले लिया है? आप मुझे चोर कह रहे हैं. मैंने किसका धन ले लिया है? उन्होंने कहा, अगर आप बिना सबूत के ईमानदार लोगों को चोर बताएंगे तो मैं निश्चित तौर पर उनके साथ खड़ी रहूंगी और इसके लिए अगर मुझे जीवन का त्याग करना होगा तो मैं वह भी करने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं समझौता नहीं करूंगी.
उन्होंने दावा किया कि सीबीआई की टीम ने बिना सबूत के कुमार के दरवाजे पर दस्तक की. बनर्जी ने कहा, मैंने पूरी जिंदगी लड़ाई लड़ी है और कभी पीछे नहीं हटी हूं. मैं कोई भी परिणाम झेलने के लिए तैयार हूं. केंद्र के खिलाफ लड़ाई में बनर्जी को चेन्नई, अमरावती और बेंगलुरू से भी समर्थन मिल रहा है.
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में आरोप लगाए कि भाजपा की सरकार बनर्जी के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है क्योंकि 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों की रैली काफी सफल रही. बनर्जी के साथ एकजुटता दिखाते हुए तेदेपा सुप्रीमो ने कहा, जो लोग भाजपा के सामने समर्पण कर दे रहे हैं, उनके खिलाफ मामले हटा लिए जा रहे हैं.
जो लोग भाजपा का विरोध कर रहे हैं, उनके पुराने मामले निकाले जा रहे हैं. हाल में कोलकाता की रैली सफल रही इसलिए यह ममता बनर्जी के खिलाफ प्रतिशोध है. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने बेंगलुरू में कहा कि तनातनी से उन्हें आपातकाल के दिनों की याद ताजा हो गई.जद एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट किया, मुझे यह पता चला कि सीबीआई कोलकाता के पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार करने गई थी. आपातकाल के दौरान देश को इसी तरह के असंवैधानिक तरीकों का सामना करना पड़ा था. पश्चिम बंगाल की स्थिति आपातकाल के दिनों जैसी है। लोकतंत्र की रक्षा कीजिए.
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द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने भी बनर्जी के प्रयासों का समर्थन किया. बीजद नेता एम. महताब ने कहा कि यह अनुपयुक्त तरीका है और सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जन खड़गे ने कहा कि विपक्ष को समाप्त करने के लिए सरकार सीबीआई का इस्तेमाल हथियार के रूप में कर रही है. नयी दिल्ली और कोलकाता में अदालत कक्षों में भी यह लड़ाई देखने को मिली.
सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर आरोप लगाया कि कोलकाता के पुलिस प्रमुख चिटफंड घोटाला मामलों में दस्तावेज नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं और शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करने का निर्णय किया.दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल सरकार ने महानगर पुलिस प्रमुख से पूछताछ करने के सीबीआई के प्रयास के खिलाफ कोलकाता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और मामले में तुरंत सुनवाई की मांग की. बहरहाल, अदालत ने तुरंत सुनवाई करने से इंकार कर दिया.
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