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महानगर में बढ़ रहे डेंगू डेन 2 के मरीज, डेंगू पीड़ित 80 फीसदी मरीज डेन टू की चपेट में

Updated at : 28 Nov 2018 4:10 AM (IST)
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महानगर में बढ़ रहे डेंगू डेन 2 के मरीज, डेंगू पीड़ित 80 फीसदी मरीज डेन टू की चपेट में

कोलकाता : कोलकाता में डेंगू के खतरनाक वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार कोलकाता में डेंगू से ग्रस्ति 80 फीसदी मरीजों के रक्त में डेंगू डेन 2 के वायरस मिले हैं. पिछले वर्ष भी डेंगू डेन 2 के मामले देखे गये थे. गत वर्ष डेंगू के करीब 73 फीसदी मरीज डेन […]

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कोलकाता : कोलकाता में डेंगू के खतरनाक वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार कोलकाता में डेंगू से ग्रस्ति 80 फीसदी मरीजों के रक्त में डेंगू डेन 2 के वायरस मिले हैं. पिछले वर्ष भी डेंगू डेन 2 के मामले देखे गये थे. गत वर्ष डेंगू के करीब 73 फीसदी मरीज डेन 2 के चंगुल में फंसे थे. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कोलेरा एंड एंटरिक डिजीज (एनआईसीइडी) ने यह खुलासा किया है. जानकारी के एनआईसीइडी करीब 700 ब्लड सैंपल की जांच की गयी, जहां इस बात की पुष्टि हुई है.
2016 के बाद बदला डेंगू का वायरस
एनआईसीइडी के एक आला अधिकारी ने बताया कि कोलकाता में वर्ष 2016 तक डेंगू फैलाने वाले मच्छर में डेन 1 वायरस पाया जाता था, लेकिन डेंगू का यह वायरस अब बदल कर डेन 2 बन चुका है. जो पहले की अपेक्षा और शक्तिशाली तथा जानलेवा है.
इस संबंध में एनआईसीइडी के निदेशक डॉ शांता दत्ता ने बताया कि यहां 700 रक्त के नमूनों की जांच की गयी थी. इस जांच से पता चला कि महानगर में डेंगू की चपेट में आनेवाले करीब 80 फीसदी मरीज डेन 2 के शिकार हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कहना बहुत कठिन है कि डेंगू डेन टू का वायरस क्यों फैल रहा है. डेंगू डेन 2 पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोलकाता नगर निगम ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है.
डेंगू वायरस के प्रकार :
विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू का वायरस मूल रूप से चार तरह के होते हैं.डेन 1 , डेन 2, डेन 3 और डेन 4 सोरोटाइप. डेंगू डेन 2 और डेन 4 सोरोटाइप अधिक खतरनाक माने जाते हैं. कोलकाता में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों में डेन -2 वायरस मिल रहा है.
डेंगू डेन 2 के लक्षण
इससे पीड़ित मरीजों में 3 से 5 दिन में शरीर पर लाल निशान पड़ता है. बदन दर्द, पेट दर्द, कमर दर्द बुखार के साथ ही प्लेटलेट्स गिरना इसका प्रमुख लक्षण है. इस वायरस की चपेट में आनेवाले मरीजों की जल्द मौत भी हो सकती है या लंबे समय तक वेंटिलेशन पर रहना पड़ सकता है.
तीन तरह का होता है डेंगू
स्कूल ऑफ ट्रापिकल मेडिसिन के वायरोलॉजिस्ट के अनुसार, डेंगू तीन तरह का होता है. क्लासिकल (साधारण) डेंगू, डेंगू हेमरेजिक फीवर (डीएचएफ) तथा तीसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस), डीएचएफ व डीएसएस की चपेट में आने से मरीज की मौत हो सकती है.
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