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केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में नौ गुना वृद्धि की, BCCI की 164वीं एजीएम में बोले वित्त मंत्री अमित मित्रा

Updated at : 13 Sep 2018 6:13 AM (IST)
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केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में नौ गुना वृद्धि की, BCCI की 164वीं एजीएम में बोले वित्त मंत्री अमित मित्रा

कोलकाता : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होते जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार उसकी कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है. यह कहना है पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा का. वह बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स की 164 वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को […]

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कोलकाता : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होते जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार उसकी कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है. यह कहना है पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा का. वह बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स की 164 वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में नौ गुना वृद्धि की है. पेट्रोल के लिए 9.48 रुपये प्रति लीटर से उत्पाद शुल्क बढ़ा कर 19.48 रुपये किये जाने से जाहिर हो रहा है कि सरकार ने अपने कार्यकाल में 10 रुपये की बढ़ोतरी की है.

वहीं, डीजल पर 11.77 रुपये बिक्री कर लगाया गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल ने अपना बिक्री कर को नहीं बदला. मालूम हो कि मंगलवार को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बंगाल में कोई चुनाव नहीं है फिर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में एक रुपये प्रति लीटर की कमी की. यह कटौती कोई बड़ा नहीं है, लेकिन यह सहानुभूतिपूर्ण कदम है, जो यह दर्शाता है कि हम आम लोगों के साथ हैं.

उन्होंने कहा कि राज्य में कोई वैट नहीं है. यहां बिक्री कर और सेस एक साथ है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 104 रुपये प्रति बैरल से 33 रुपये प्रति बैरल हो गयी, तब भी केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बनाने के लिए साहस नहीं दिखाया. उन्होंने कहा कि रुपया डॉलर की तुलना में कमजोर हो रहा है. यह सब दर्शाता है कि सरकार कुछ भी नियंत्रित नहीं कर सकती.

उन्होंने कहा, मैं और देश के लोग यह जानना चाहते हैं कि मोदी सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण निधि क्यों नहीं बनायी? ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें कोई ज्ञान नहीं है, शासन की कोई समझ नहीं है.

बंगाल सरकार द्वारा इस साल पूजा समितियों को 28 करोड़ रुपये आवंटित किये जाने के मुद्दे पर उन्हों‍ने कहा कि इसे किसी समुदाय विशेष से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए. दुर्गापूजा राज्य में एक सामाजिक त्योहार है. इसमें सारे समुदाय के लोग शामिल होते हैं.

इस दौरान साथ ही बीसीसीआई और इंडो जर्मन चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ एमओयू हस्ताक्षर हुआ. इंडो-जर्मन चेंबर ऑफ कॉमर्स के डीजी बर्नहार्ड स्टीन्रुक और बीसीसीआई के डिसिग्नेटेड प्रेसिडेंट इंद्रजीत सेन उपस्थित थे. साथ ही द बंगाल हेरिटेज पब्लिकेशन का लोकार्पण हुआ. मौके पर विशेष इकोनॉमिस्ट डॉ. अशोक वी देसाई और बीसीसीआई के अध्यक्ष चंद्रशेखर घोष समेत अन्य उपस्थित थे.

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