रायगंज : शारीरिक अक्षमता को मात देते हुए बनीं शिक्षिका

Updated at : 05 Sep 2018 6:05 AM (IST)
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रायगंज : शारीरिक अक्षमता को मात देते हुए बनीं शिक्षिका

रांगापुकुर प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं शोभा मजुमदार रायगंज : बचपन से ही अक्षम हाथ के कारण रांगापुकुर निवासी शोभा मजुमदार का लालन-पालन हुआ. उस समय दिव्यांग शरीर वाली शोभा को देखकर अड़ोस-पड़ोस की महिलाएं मजाक उड़ाती थीं. तब शोभा की मां शांति देवी को बड़ा ही कष्ट होता था. हालांकि उन्होंने हालात से समझौता […]

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रांगापुकुर प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं शोभा मजुमदार
रायगंज : बचपन से ही अक्षम हाथ के कारण रांगापुकुर निवासी शोभा मजुमदार का लालन-पालन हुआ. उस समय दिव्यांग शरीर वाली शोभा को देखकर अड़ोस-पड़ोस की महिलाएं मजाक उड़ाती थीं. तब शोभा की मां शांति देवी को बड़ा ही कष्ट होता था. हालांकि उन्होंने हालात से समझौता नहीं किया. जैसे ही शोभा पढ़ने-लिखने लायक हुई, शांति देवी ने उसके पैर में पेंसिल थमा दी.
इस तरह से शुरूआती दौर में शोभा ने अक्षर ज्ञान हासिल करना शुरू किया. शोभा ने भी अपने जीवन को एक नया अर्थ देने के लिए मानो ठान लिया.
उसने भी रात-दिन मेहनत कर पढ़ाई की. उसका नतीजा भी सामने आया. 10वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद शोभा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. इस तरह उसने परास्नातक (एमए) की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद शोभा ने नौकरी ढूंढ़ना शुरू किया.
आज वह रांगापुकुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत है. उल्लेखनीय है कि शोभा के पिता मुर्गी का दाना बेचने वाली एक दुकान में कर्मचारी हैं. परिवार में दो भाई और बहन को लेकर छोटा सा परिवार है. अपनी शारीरिक अक्षमता से जूझते हुए शोभा ने अपने परिवार की आर्थिक बदहाली से मुक्ति दिलाई. इसके चलते पूरे उत्तर दिनाजपुर जिले में वह मिसाल बनी हुई है.
गौरतलब है कि शोभा न सिर्फ अपने दोनों पैरों से ब्लैक बोर्ड पर फर्राटे से लिखती हैं, बल्कि घर के सारे काम-काज भी बड़ी कुशलता के साथ निपटाती हैं.
सयानी होने पर मां ने उसे पढ़ाई-लिखाई के अलावा रसोई बनाने में भी निपुण कर दिया था. रांगापुकुर प्राथमिक विद्यालय में शोभा के साथ सात शिक्षक काम करते हैं. स्कूल में कुल 107 छात्र-छात्राएं हैं जिन्हें वह सभी सहकर्मियों के सहयोग से शिक्षा दान का काम कर रही हैं.
शुरू से ही उसके सहकर्मियों ने शोभा को हर तरह का सहयोग दिया. शोभा की इस सफलता से उसके माता-पिता को गर्व है. उल्लेखनीय है कि शोभा ने वर्ष 2005 में तत्कालीन राज्यपाल वीरेन जे शाह के हाथों रोल मॉडेल का खिताब हासिल किया.
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