हावड़ा : ‘यूं तो भागवत कथा का आयोजन और श्रवण सर्वदा सुखकारी है, लेकिन पुरुषोत्तम मास में इसका फल अनंत गुणा फलदायी कहा गया है और फिर इस आयोजन का जो उद्देश्य है, वो अत्यंत महत्वपूर्ण है. अतः इस आयोजन से किसी न किसी रुप में जुड़ा हर एक व्यक्ति महान पुण्य का भागीदार होगा, ऐसा मेरा मानना है.’
ये उद्गार भागवताचार्य परम पूज्य श्री परमेश्वर लाल जी ‘गुरु कृपा’ ने श्री रामकृष्ण सेवा समिति (कृष्ण भवन) की ओर से 191, जीटी रोड (नाॅर्थ) स्थित श्री कृष्ण भवन के नारायण सभागार में वृद्ध एवं असहाय संतों एवं रोगियों से सम्बद्ध निःशुल्क श्री ध्रुव चैरिटेबल ट्रस्ट हाॅस्पिटल-हरिद्वार के निर्माणार्थ आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत् कथा ज्ञानयज्ञ के दिव्य आयोजन के प्रथम दिन कथा प्रारंभ करते हुए व्यक्त किये.
उन्होंने प्रथम दिन भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कथा मनुष्य का इहलोक और परलोक दोनों सुधारती है, केवल जरुरत है तो श्रद्धा से इसके श्रवण और निष्ठा से मनन करने की.
आज कथा प्रारंभ से पूर्व, इस सप्ताह व्यापी आयोजन के शुभारम्भ पर कथा के मुख्य यजमान राम अवतार थरड और बिजय कुमार थरड ने व्यास पीठ का पूजन किया, जबकि इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बिजय गुजरवासिया, जगदीश प्रसाद गोयल, भोमराज सरावगी व प्रकाश चंडालिया ने व्यास पीठ को नमन् कर आशीर्वाद प्राप्त किया.
समिति के अध्यक्ष रमेश नांगलिया, सचिव धर्मपाल प्रेमराजका व संयोजकगण बाबूलाल गुप्ता, हरिश्चंद अग्रवाल, रामबिलास अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, विनीत कसेरा, ओमप्रकाश फतेहपुरिया, कृष्ण कुमार अग्रवाल, राकेश खेतड़ीवाल, राजेश गुप्ता, अनिल पोद्दार आदि आयोजन की सफलता में सक्रिय रहे. यह आयोजन 23 मई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 3.30 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा के विविध प्रसंगों पर कथा प्रवचन होगा.
