कोलकाताः सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पश्चिम बंगाल से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर देश में रोहिंग्या मुसलमानों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी है. बीएसएफ के महानिरीक्षक (दक्षिण बंगाल) पीएसआर अंजनेयुलु ने बताया कि पहले हमने 22 संवदेनशील स्थानों की पहचान की थी, लेकिन अब यह संख्या बढकर 50 हो गयी है. ये स्थान संवेदनशील हैं, जहां से बांग्लादेशी और रोहिंग्या दोनों ही सीमा पार करके भारत में आ सकते हैं. हमने अपनी चौकसी बढ़ा दी है. संवेदनशील इलाकों में पेत्रापोल, जयंतीपुर, हरिदासपुर, गोपालपारा और तेतुलबेराई भी शामिल है.
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दक्षिणी बंगाल फ्रंटियर के बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में 175 रोहिंग्या को पकड़ा गया था, जिनमें से सात को साल 2017 में पकड़ा गया है. रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान करने और उनके स्थान का पता रखने के लिए बीएसएफ अपने स्थानीय सूत्रों को बढ़ा रही है और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी काम कर रही है.
भारत-बांग्लादेश की कुल 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा में से 2,216 किलोमीटर सीमा पश्चिम बंगाल में है. रोहिंग्या शरणार्थियों को केंद्र सरकार ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अवैध प्रवासी बताते हुए कहा था कि इनका देश में रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है.