महिलाओं को " 5003 करोड़ कर्ज देगी बंगाल सरकार
Updated at : 27 Jul 2017 9:54 AM (IST)
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ग्रामीण महिलाओं को स्वनिर्भर करने की पहल 2012-13 में 600 करोड़ रुपये हुए थे खर्च 2015-16 में बढ़ कर हुए 3400 करोड़ रुपये 53 लाख महिलाएं जुड़ी हैं सेल्फहेल्प ग्रुप से कोलकाता : ग्रामीण महिलाओं को स्वनिर्भर बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं. इसके तहत महिलाओं का कौशल विकास […]
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ग्रामीण महिलाओं को स्वनिर्भर करने की पहल
2012-13 में 600 करोड़ रुपये हुए थे खर्च
2015-16 में बढ़ कर हुए 3400 करोड़ रुपये
53 लाख महिलाएं जुड़ी हैं सेल्फहेल्प ग्रुप से
कोलकाता : ग्रामीण महिलाओं को स्वनिर्भर बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं. इसके तहत महिलाओं का कौशल विकास कर उनको स्वरोजगार योग्य बनाना है. इस दिशा में राज्य सरकार खर्च की राशि में लगातार वृद्धि कर रही है. यह जानकारी बुधवार को राज्य सरकार के पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग की अधीनस्थ संस्था वेस्ट बंगाल लाइव्लीहुड मिशन की स्टेट मिशन डायरेक्टर व सीईओ चोटेन डी लामा ने सीआइआइ की ओर से आयोजित स्किल कॉनक्लेव के दौरान दी.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 में इस योजना पर 600 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में सेल्फ-हेल्प ग्रुप का क्रेडिट लिंकेज काफी बढ़ा है और वर्ष 2015-16 तक यह बढ़ कर 3400 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने इस योजना पर 5003 करोड़ रुपये कर्ज देने का लक्ष्य रखा है.
उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न सेल्फ-हेल्प ग्रुप में ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 53 लाख महिलाएं सदस्य हैं, जो अब स्वनिर्भर होकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं.
बंगाल में विकास करने की अपार संभावनाएं
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के कार्यपालक निदेशक व सीओओ जयंत कृष्णा ने स्वीकारा कि बंगाल में इस क्षेत्र में विकास करने की अपार संभावनाएं हैं. इस मौके पर सीआइआइ की फैमिली बिजनेस सब-कमेटी (पूर्वी क्षेत्र) के चेयरमैन रवि तोदी, सीआइआइ की वेस्ट बंगाल स्टेट काउंसिल के पूर्व चेयरमैन सुबीर चाकी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.
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