बंगाल में सीपीएम-आईएसएफ में नहीं बात, 24 परगना पर अड़े नौशाद सिद्दीकी

Updated at : 11 Mar 2026 8:23 AM (IST)
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बंगाल में सीपीएम-आईएसएफ में नहीं बात, 24 परगना पर अड़े नौशाद सिद्दीकी

नौशाद सिद्दीकी

Bengal Election: बंगाल में सीपीएम और आईएसएफ के बीच गठबंधन फाइनल नहीं हो सका है. गठबंधन में मुख्य बाधा 24 परगना की सीटों का बंटवारा है. नौशाद सिद्दीकी की पार्टी इन दोनों जिलों में सीटों के बंटवारे पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है.

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Bengal Election: कोलकाता: बंगाल विधानसभा के लिए वाम मार्चा के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है. सीपीएम और आईएसएफ के बीच गठबंधन को लेकर हुई ताजा बैठक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी. चुनावों की तारीख अब किसी भी दिन सामने आ सकती है. मतदान की घंटी बज चुकी है, लेकिन वाम मोर्चा और भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा के बीच गठबंधन और समझौते को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है. माकपा और आईएसएफ के बीच पैदा हुए तनाव के चलते राजनीतिक गलियारों में गठबंधन के भविष्य को लेकर बड़े सवालिया निशान लगे हुए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आईएसएफ के अड़ियल रवैये के कारण गठबंधन प्रक्रिया अधर में लटक गई है. अब देखना यह है कि अंतिम समय में कोई समझौता होता है या आईएसएफ अकेले ही मैदान में उतरती है.

कांग्रेस ने गठबंधन की उम्मीद खत्म

इस बीच, यह स्पष्ट हो चुका है कि वाम दलों को इस चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं हो पाएगा. अंत में, वाम दलों के लिए आईएसएफ ही गठबंधन की आखिरी उम्मीद है. पिछले कुछ महीनों में नौशाद सिद्दी ने वामपंथी नेताओं से कई बैठकें की हैं. सीटों के बंटवारे में देरी की बार-बार चर्चा हुई, लेकिन गठबंधन को लेकर कोई पुख्ता खबर सामने नहीं आई है. सूत्रों के अनुसार, गठबंधन प्रक्रिया में मुख्य बाधा 24 परगना जिलों में सीटों का बंटवारा है. नौशाद सिद्दीकी की पार्टी इन दोनों जिलों में सीटों के बंटवारे पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है. आईएसएफ ने वामपंथी नेतृत्व को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वे 24 परगना में अपनी दावा की गई सीटों से पीछे नहीं हटेंगे.

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कई बैठकों के बाद नहीं कोई समझौता नहीं

गठबंधन मुख्य रूप से उत्तर 24 परगना में सीटों की संख्या को लेकर संघर्ष कर रहा है. इस जिले में आईएसएफ 8 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन वामपंथी दल अपनी 5 से अधिक सीटें छोड़ने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में, दोनों गुटों के बीच बातचीत जारी होने के बावजूद, नौशाद सिद्दीकी और अन्य नेता अपने रुख से जरा भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. न सिर्फ उत्तर में, बल्कि दक्षिण 24 परगना जिले में भी, वामपंथी और आईएसएफ को सीटों के सौदे को लेकर इसी तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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