बारुईपुर के एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर को बंद करने का निर्देश

वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन (डब्ल्यूबीसीइआरसी) ने गुरुवार को दक्षिण 24 परगना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिया है कि वे बारुईपुर में एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर को तुरंत बंद करवायें, क्योंकि आयोग को जांच में बड़ी खामियां मिली हैं.
संवाददाता, कोलकाता
वेस्ट बंगाल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन (डब्ल्यूबीसीइआरसी) ने गुरुवार को दक्षिण 24 परगना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिया है कि वे बारुईपुर में एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर को तुरंत बंद करवायें, क्योंकि आयोग को जांच में बड़ी खामियां मिली हैं. कमीशन के चेयरमैन व सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति असीम कुमार बनर्जी ने गुरुवार को इस मामले की जांच के बाद बताया कि स्थानीय निवासी सैकत गांगुली अपनी मां को थायरोग्लोबुलिन टेस्ट (थायरॉयड) के लिए एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर ले गये थे. जांच रिपोर्ट गलत थी. मरीज ने जब अपने डॉक्टर को दिखाया, तो चिकित्सक को संदेह हुआ.
उन्होंने मरीज के परिजनों को दोबारा जांच कराये जाने की सलाह दी. ऐसे में परिजनों ने दूसरे डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराया, तो पहली व दूसरी रिपोर्ट में जमीन-आसमान में फर्क था. स्वास्थ्य आयोग से इसकी शिकायत किये जाने पर पूरे मामले की जांच में आयोग को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं. असीम कुमार बनर्जी ने बताया कि, उक्त जांच एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर किसी दूसरे लैब में कराया था. इसके बाद रिपोर्ट को अपने पैड पर लिख कर जारी किया गया था. पर इसकी सूचना मरीज के परिजनों को नहीं दी गयी थी कि जांच रिपोर्ट किसी दूसरे केंद्र में तैयार किया गया है. इतना ही नहीं, रिपोर्ट पर एक डॉक्टर का फर्जी रूप से डिजिटल हस्ताक्षर किये गये थे. संबंधित डॉक्टर कभी भी एक्यू हेल्थ से जुड़ा नहीं थे. आयोग ने डॉक्टर से कहा है कि वह केंद्र के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के पास जा सकते हैं. वहीं, इस मामले में आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को एक्यू हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर तुरंत बंद करने के लिए कहा है और बरुईपुर पुलिस को इस पर नजर रखने का निर्देश दिया है.
एक अन्य मामले में आयोग ने सरोज गुप्ता कैंसर सेंटर पर एक निश्चित अवधि के लिए मरीजों के रिकॉर्ड ठीक से न रखने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.
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