48 वर्षों में पहली बार बोलपुर प्राइमरी स्कूल में सरस्वती पूजा नहीं, भड़के विद्यार्थी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Feb 2025 9:53 PM

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बीरभूम जिले के बोलपुर नगरपालिका के वार्ड 16 के नीचूगोडाबांध प्राथमिक विद्यालय इस वर्ष सरस्वती पूजा को बंद रहा. इससे नाराज वहां के विद्यार्थियों ने अभिभावकों के साथ मिल कर स्कूल के बंद गेट के बाहर वाग्देवी की प्रतिमा लाकर विधिवत पूजा-अर्चना की. उसके बाद स्कूल के प्रधान शिक्षक वहां पहुंचे, तो उन्हें विद्यार्थियों व अभिभावकों का कोपभाजन बनना पड़ा. तनाव बढ़ने पर पुलिस वहां पहुंची और स्थिति संभाली.

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बोलपुर.

बीरभूम जिले के बोलपुर नगरपालिका के वार्ड 16 के नीचूगोडाबांध प्राथमिक विद्यालय इस वर्ष सरस्वती पूजा को बंद रहा. इससे नाराज वहां के विद्यार्थियों ने अभिभावकों के साथ मिल कर स्कूल के बंद गेट के बाहर वाग्देवी की प्रतिमा लाकर विधिवत पूजा-अर्चना की. उसके बाद स्कूल के प्रधान शिक्षक वहां पहुंचे, तो उन्हें विद्यार्थियों व अभिभावकों का कोपभाजन बनना पड़ा. तनाव बढ़ने पर पुलिस वहां पहुंची और स्थिति संभाली. स्कूल के प्रधान शिक्षक रफीकुल इस्लाम ने कहा कि वह बीमार थे. अन्य शिक्षकों ने भी इस बार स्कूल में सरस्वती पूजा का जिम्मा नहीं लिया. इसलिए यहां सरस्वती पूजा नहीं की गयी. स्थानीय स्कूल के अभिभावकों व अन्य लोगों ने कहा कि बीते 48 वर्षों से इस विद्यालय में लगातार सरस्वती पूजा होती आयी है. इस वर्ष स्कूल में सरस्वती पूजा नहीं किये जाने से विद्यार्थी आग-बबूला हो गये.

इसलिए स्कूल बंद होने के बावजूद मेन गेट के बाहर यहां के छात्र-छात्राओं व स्थानीय लोगों ने सरस्वती पूजा की. स्कूल की ओर से छात्र-छात्राओं को बताया गया कि प्रधान शिक्षक रफीकुल इस्लाम बीमार होने से छुट्टी पर हैं. स्कूल में पांच और शिक्षक हैं, जिन्होंने इस बार पूजा की पहल नहीं की. ऐसे में स्कूल में इस बार सरस्वती पूजा नहीं हो पायेगी. शिक्षक सोमवार सुबह जब स्कूल आये, तो गेट के बाहर सरस्वती पूजा होती देख कर बिफर गये.

तब उन शिक्षकों को अभिभावकों ने घेर लिया और पूछा कि इस बार क्यों पूजा नहीं की गयी. हंगामा होने लगा. सवाल पर स्कूल के शिक्षक इधर-उधर भागने लगे. स्कूल के हेड टीचर के पहुंचने पर उन्हें भी जनाक्रोश झेलना पड़ा. उन्हें घेर कर विद्यार्थी प्रदर्शन करने लगे. तनाव बढ़ने पर पुलिस वहां पहुंची और बिगड़ती स्थिति संभाली. बाद में हेड टीचर रफीकुल इस्लाम ने सफायी दी कि वह सरस्वती पूजा के विरोधी नहीं हैं.

अपनी बीमारी से छुट्टी पर थे. इसके अलावा सरस्वती पूजा का दायित्व किसी शिक्षक ने नहीं लिया, इसलिए स्कूल में सरस्वती पूजा नहीं की गयी. पुलिस की सुरक्षा में प्रधान शिक्षक को वहां से हटाया गया. अभिभावकों व छात्रों ने पंडित को बुला कर वैदिक मंत्रोच्चार से देवी सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करायी. खबर पाकर प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्राल नाइक भी वहां पहुंचे और स्थानीय लोगों को समझा कर शांत कराया. सरस्वती पूजा पर मंगलवार को स्कूल में भोज होगा. उन्होंने प्रधान शिक्षक के खिलाफ जांच कर उपयुक्त कार्रवाई करने का भरोसा भी दिया है.

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