जितेंद्र तिवारी ने कहा कि बालू माफियाओं के पैसे के बिना नहीं रह सकते हैं तृणमूल के नेता अवैध कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कई कारोबारी हो गये हैं भूमिगत, पुलिस कर रही कार्रवाई आसनसोल. आसनसोल के पूर्व मेयर व भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी के खिलाफ जामुड़िया थाने में गैर जमानती धारा में मामला दर्ज होने के बाद शिल्पांचल की राजनीति में हलचल मच गयी है. श्री तिवारी ने कहा कि दरबारडांगा घाट पर बालू के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पुलिस ने उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया. पूरे बंगाल ने देखा कि किसने किस पर हमला किया और पुलिस की भूमिका को भी लोग देख रहे हैं. इस घटना से यह बात साफ हो गयी है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का जिले में पालन नहीं ही रहा है और यहां के तृणमूल नेता बालू के पैसे के बगैर नहीं रह सकते हैं. श्री तिवारी के बयान पर तृणमूल प्रदेश कमेटी के सचिव वी शिवदासन ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अवैध कारोबार पर सख्ती के निर्देश के बाद से सारे अवैध कारोबारी भूमिगत हो गये हैं. पुलिस अपना काम कर रही है. उन्होंने कहा ‘बालू के धंधे में कुछ लोगों को मिल रहा है, कुछ को नहीं मिल रहा, जिन्हें नहीं मिल रहा है वे वहां पहुंच रहे हैं और कुछ मिलने के लिए डायलॉग मार दे रहे हैं. इससे ज्यादा और कुछ नहीं.’ गौरतलब है कि अजय नदी के किनारे जामुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत दरबारडांगा में एक वाटर प्रोजेक्ट है. भाजपा नेता श्री तिवारी ने कहा कि वह जब आसनसोल के मेयर थे, उस दौरान अमृत-1 परियोजना के तहत 26 करोड़ रुपये की लागत से अजय नदी में दरबारडांगा घाट पर वाटर प्रोजेक्ट बना था. जिससे जामुड़िया इलाके के लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाता है. हाल के दिनों में इस घाट पर बालू के अवैध खनन से वाटर प्रोजेक्ट खतरे में आ गया है. यह देखना यहां के प्रशासन का कार्य है, लेकिन कोई इसकी सुध नहीं ले रहा है. वह इसे बर्बाद होते कैसे देख सकते हैं. सूचना मिलने के बाद वह अपने पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को दरबारडांगा घाट पर गये. उनके पहुंचते ही 20-25 लोग वहां आकर उनसे उलझ गये. पुलिस ने आकर बीच-बचाव करके दोनों पक्षों को हटाया. इसका वीडियो पूरे बंगाल के लोगों ने देखा कि किस प्रकार आपराधिक तत्वों ने उनलोगों पर हमला किया. दरबारडांगा वाटर प्रोजेक्ट की निगरानी को तैनात निजी एजेंसी के कर्मचारी ने थाने में शिकायत दर्ज करायी कि जितेंद्र तिवारी और गोपी पात्रा के साथ 20-25 लोग आये और लाठियों से उसपर हमला किया. उसे बचाने आये उसके एक मित्र पर भी हमला किया गया और दो मोबाइल फोन छीनकर हमलावर भाग गये. इस शिकायत में कितनी सच्चाई है, यह पूरे बंगाल के लोग जानते हैं. वीडियो फुटेज देखने पर ही पता चल जायेगा. पुलिस भी मौजूद थी, इसके बावजूद झूठा मामला दर्ज किया गया. इस तरह झूठे मामले में फंसाकर डराया नहीं जा सकता है. इससे यह बात साफ हो गयी कि जिले में मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है. बालू का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है. जिसे सिर्फ देखने जाने पर ही झूठे मामले में फंसा दिया जा रहा है.
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