48 घंटे के अनशन पर लोको पायलट, ड्यूटी आवर में कमी व सुविधाओं की मांग तेज
Updated at : 03 Dec 2025 9:25 PM (IST)
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ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआइएलआरएसए) के बैनर तले देशभर के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट 48 घंटे के अनशन पर हैं.
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आद्रा.
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआइएलआरएसए) के बैनर तले देशभर के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट 48 घंटे के अनशन पर हैं. आद्रा मंडल कार्यालय के सामने दो दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह आंदोलन चार दिसंबर सुबह 10 बजे तक चलेगा. संगठन का कहना है कि भूखे-प्यासे रहकर चलाया जा रहा यह विरोध-प्रदर्शन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का संकेत है. एसोसिएशन का आरोप है कि रेल प्रशासन हाई पावर कमिटी (2013), हाईकोर्ट, श्रम आयुक्त और संसदीय समिति की सिफारिशों का पालन नहीं कर रहा है. इन सिफारिशों में 46 घंटे साप्ताहिक विश्राम, नौ घंटे ड्यूटी सीमा, 30 हजार रिक्त पदों की बहाली, किलोमीटर भत्ते में 25% वृद्धि, टैक्स छूट और लोको कैब में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान है. इसके बावजूद 50% ट्रेनों में लोको पायलटों से 12 से 16 घंटे तक ड्यूटी कराई जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है. महिला लोको पायलटों के लिए शौचालय और भोजन की सुविधा नहीं होने से स्थिति और कठिन हो रही है.रेलमंत्री को पत्र, समाधान की प्रतीक्षा
संगठन ने इस संबंध में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की है. पूरे देश में लगभग 1.20 लाख रनिंग स्टाफ बिना भोजन के लगातार ड्यूटी करने को मजबूर हैं. एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, विरोध जारी रहेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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