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रानीगंज के विकास पर जितेंद्र तिवारी ने उठाये सवाल

Updated at : 19 Aug 2025 12:05 AM (IST)
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रानीगंज के विकास पर जितेंद्र तिवारी ने उठाये सवाल

उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद हराधन राय ने सुप्रीम कोर्ट में भू-धसान को लेकर एक केस किया था, जिसके बाद रानीगंज के कुछ इलाकों को ''अनस्टेबल'' (अस्थिर) घोषित कर वहां निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी.

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रानीगंज. भाजपा नेता व आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने सोमवार को रानीगंज के विकास से जुड़े कई अहम मसले उठाये और सरकार से इनके हल की मांग की. मौके पर उनके साथ पिछले विधानसभा चुनाव में रानीगंज से भाजपा के उम्मीदवार रहे डॉ बिजन मुखर्जी, रानीगंज मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह, उपाध्यक्ष देव कुमार बोस व अन्य पार्टी नेता उपस्थित थे.

भू-धंसान और निर्माण कार्य पर रोक का मुद्दा

जितेंद्र तिवारी ने रानीगंज में भू-धसान की समस्या और उसके कारण रुके हुए निर्माण कार्यों पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद हराधन राय ने सुप्रीम कोर्ट में भू-धसान को लेकर एक केस किया था, जिसके बाद रानीगंज के कुछ इलाकों को ””””अनस्टेबल”””” (अस्थिर) घोषित कर वहां निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि, 2021 के बाद से यह देखा गया है कि ””””अनस्टेबल”””” घोषित क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में भी आसनसोल नगर निगम और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि विज्ञान ने बहुत तरक्की की है और अब ””””अनस्टेबल”””” जगहों पर भी नई वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके निर्माण किया जा सकता है,लेकिन अगर उन जगहों को छोड़ भी दिया जाए, तो 300 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य क्यों रोका गया है, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे रानीगंज का विकास रुक गया है और यहां की अर्थव्यवस्था नष्ट होने के कगार पर है.श्री तिवारी ने रानीगंज में सुरक्षित निर्माण स्थलों की पहचान करने के लिए एक नई कमेटी के गठन की मांग भी की.

जितेंद्र तिवारी ने रानीगंज, जामुड़िया और कुल्टी को आसनसोल नगर निगम में विलय किए जाने पर भी नाराजगी जताई.उन्होंने कहा कि विलय के बाद ये क्षेत्र केवल ‘पोस्ट ऑफिस’ बन कर रह गये हैं, जहां बोरो चेयरमैन के पास कोई वित्तीय या विकासात्मक अधिकार नहीं हैं. उन्होंने बताया कि पार्षदों को एक बिजली का बल्ब लगवाने के लिए भी कई जगहों पर पत्र देना पड़ता है, जिससे विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं.

उन्होंने मांग की कि बोरो चेयरमैन को कम से कम 10 लाख रुपये तक की वित्तीय शक्तियां दी जाएं, या फिर रानीगंज को फिर से बाली की तरह नगरपालिका का दर्जा दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इन मांगों को लेकर आंदोलन करेगी और रानीगंज की जनता को भी अपने अधिकारों के लिए आगे आने की अपील की.

टीडीबी कॉलेज में पीजी कोर्स बंद होने का विरोध

जितेंद्र तिवारी ने टीडीबी कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) स्तर के पांच विषयों को बंद किए जाने पर गहरा विरोध जताया. उन्होंने बताया कि जब वह आसनसोल नगर निगम के मेयर थे, तब उन्होंने टीडीबी कॉलेज प्रबंधकीय समिति के अध्यक्ष के रूप में सात विषयों में पीजी कोर्स शुरू करवाए थे.उन्होंने कहा कि इन कोर्सों को बंद करने के पीछे कॉलेज को हो रहे नुकसान का हवाला दिया जा रहा है, जो कि अनुचित है,कॉलेज कोई व्यापारिक स्थान नही है, जहां नफा-नुकसान देखा जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉलेज शिक्षा का मंदिर है.उन्होंने प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन से तुरंत इन पांच कोर्सों को फिर से शुरू करने की मांग की, साथ ही दो और विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की अपील भी की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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