दुर्गापुर में अग्निशमन यंत्र फटने से युवक जख्मी

Updated at : 03 Sep 2025 9:54 PM (IST)
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दुर्गापुर में अग्निशमन यंत्र फटने से युवक जख्मी

बुधवार को दोपहर सिटी सेंटर के मैक्समूलर पथ से लगे एक आवास में गैस-भराई के दौरान अग्निशमन-यंत्र अचानक धमाके के साथ फट गया. विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूटकर नीचे गिर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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दुर्गापुर.

बुधवार को दोपहर सिटी सेंटर के मैक्समूलर पथ से लगे एक आवास में गैस-भराई के दौरान अग्निशमन-यंत्र अचानक धमाके के साथ फट गया. विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूटकर नीचे गिर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में देबराज सोम नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे लहूलुहान अवस्था में गांधी मोड़ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां उसका उपचार चल रहा है.

स्थानीय लोगों में रोष व सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस घर के अंदर निजी कंपनी की ओर से अग्निशमन-यंत्र रीफिलिंग का काम लंबे समय से चल रहा था, जबकि यह रिहायशी इलाके में गैरकानूनी है. स्थानीय लोग कई बार आपत्ति जता चुके हैं, लेकिन काम बंद नहीं किया गया. पड़ोस की एक महिला ने कहा कि धमाके से उनके घर की खिड़की का शीशा टूट गया और परिवार दहशत में आ गया.

दबाव बढ़ने से हुआ विस्फोट

घायल युवक के सहयोगी आजाद खान ने बताया कि पुराना यंत्र नाइट्रोजन भरते समय अधिक दबाव झेल नहीं सका और फट गया. इससे देबराज के हाथ व पेट में गहरी चोटें आयीं हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऑक्सीजन या गैस सिलिंडर फटता, तो बड़ा हादसा हो सकता था. उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. दुर्गापुर. बुधवार को दोपहर शहर के सिटी सेंटर के मैक्समूलर पथ स्थित एक आवास में गैस-भराई के दौरान अचानक अग्निशमन-यंत्र जोरदार धमाका से फट गया. जिससे पूरा इलाका दहल उठा. तेज आवाज सुन आसपास के लोग घर से बाहर निकल पड़े. यंत्र फटने से देवराज सोम नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे गंभीर हालत में गांधी मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूटकर नीचे गिर गए. जिससे स्थानीय इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

लोगों ने बताया कि घर के अंदर निजी कम्पनी का अग्निशमन यंत्र रिफिलिंग का काम चलता है. रिहायशी इलाके में इस तरह का गैस रिफिलिंग का काम करना गैर कानूनी है.

बार-बार अनुरोध के बावजूद मकान मालिक घर के अंदर ऐसा जोखिम भरा काम बंद नहीं कर रहा था. बुधवार आखिरकार डर सच साबित हो गया. पड़ोस के एक घर की महिला गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि जब धमाका हुआ तो हमारे घर की खिड़की का शीशा टूट गया. जिससे घर वाले सभी डर गए थे . घायल युवक को लहूलुहान हालत में अस्पताल भेजा गया है.

घटना के बाद सहयोगी आज़ाद खान ने दावा किया, अग्निशामक यंत्र पुराना था, नाइट्रोजन भरते समय अत्यधिक दबाव के कारण वह फट गया. जिससे देबराज नामक युवक का हाथ और पेट में गंभीर चोटें आईं है . दूसरी तरफ सवाल उठता है कि क्या रिहायशी इलाके में ऐसी गतिविधियों की अनुमति थी? घर के अंदर रिफिलिंग का काम कैसे चल रहा था? प्रशासन की निगरानी कहाँ है? अगर ऑक्सीजन या गैस सिलेंडर फट जाता, तो क्या सिर्फ़ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की जान खतरे में नहीं पड़ जाती? स्थानीय लोगों ने घटना की तुरंत निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी की मांग की .

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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