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जांच अधिकारी की तत्परता से साबित हुआ रेप व मर्डर का गुनाह

Updated at : 07 Aug 2025 12:32 AM (IST)
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जांच अधिकारी की तत्परता से साबित हुआ रेप व मर्डर का गुनाह

मामले में हीरापुर थाने के अवर निरीक्षक शुभाशीष बंद्योपाध्याय ने अहम भूमिका निभायी और केस को अंजाम तक पहुंचाया.

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वैज्ञानिक पद्धति से पेश किये गये सबूत, जो सही पाये गये केस में अवर निरीक्षक ने तय समय में जांच रिपोर्ट व चार्जशीट की जमा आसनसोल. आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के पुलिस उपायुक्त(डीसीपी) संदीप कर्रा ने बुधवार को हीरापुर थाने में बताया कि आज पॉक्सो कोर्ट में चला रेप व मर्डर का मामला पिछले वर्ष 14 मई को हीरापुर थाने में दर्ज हुआ था. आरोपी पिता को ही अपनी बेटी से रेप व मर्डर का दोषी पाया गया है. 16 महीने की सुनवाई के बाद पॉक्सो कोर्ट में दोषी को फांसी की सजा दी गयी. मामले में हीरापुर थाने के अवर निरीक्षक शुभाशीष बंद्योपाध्याय ने अहम भूमिका निभायी और केस को अंजाम तक पहुंचाया. सरकारी अधिवक्ता सोमनाथ चट्टोराज ने कहा कि 12 मई, 2024 की रात बर्नपुर के हीरापुर थाना क्षेत्र के नरसिंहबांध कचूबागान की 14 वर्षीय नाबालिग लडकी अपने पिता, माता और भाई-बहनों के साथ सो रही थी. अगले दिन, यानी 13 मई की सुबह, मां उठी और उसने देखा कि उसकी बेटी ने मुंह तक चादर ओढ़ी हुई थी. स्वाभाविक रूप से उसे संदेह हुआ. उसने तुरंत चादर हटाया और देखा कि लड़की बेसुध पड़ी थी. उसकी गर्दन पर चोट का निशान था. उसके नाक और कान से खून निकल रहा था. उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी के साथ कुछ हुआ है. जब उसने अपने पति को इसके बारे में बताया, तो उसने सहज और सहज भाव से कहा कि किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है. हम जो करते हैं, खुद करते हैं. सबको पता चल जाएगा. पुलिस आ जाएगी, हम फंस जाएंगे. लेकिन मां मानने को तैयार नहीं थी. उसने तुरंत चिल्लाकर सबको बुलाया. नाबालिग का पिता पेशे से टोटो चालक था. लेकिन वह अपनी बेटी को अपने टोटो में नहीं ले गया. जब नाबालिग को किसी दूसरे व्यक्ति के टोटो में आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया. तो डॉक्टर ने उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि नाबालिग की गर्दन में रस्सी जैसी कोई चीज़ डालकर गला घोंटकर हत्या की गई थी. इससे पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था. अगले दिन, यानी 14 मई को, नाबालिग की मां ने हीरापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसमें उसने अपने पति पर इस घटना में शामिल होने का संदेह जताया. इसके बाद हीरापुर थाने ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सोमनाथ चटराज ने बताया कि इस मामले के जांच अधिकारी ने तय समय के भीतर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था. नाबालिग के शरीर पर कुछ सबूत मिले थे. जिनकी फोरेंसिक जांच उसके पिता की डीएनए जांच रिपोर्ट से मेल खा गयी. इसके अलावा, जांच अधिकारी ने बाद में उस रस्सी को बरामद कर लिया जिससे आरोपी ने लड़की की गला घोंटकर हत्या की थी. सरकारी वकील का दावा है कि इस मामले की सुनवाई सिर्फ़ 1 साल और 3 महीने में हुई जो महत्वपूर्ण है. यह पहली बार है जब आसनसोल की किसी अदालत में किसी मामले में अधिकतम सज़ा मृत्युदंड या मौत की सज़ा दी गयी है. मौके पर एसीपी इप्सिता दत्त, सीआई अशोक सिंघा महापात्र भी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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