नाबालिग वधू की दहेज प्रताड़ना और मौत में ससुर को 10 वर्ष की सश्रम कैद

Author Amit kumar
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जिला अदालत ने दहेज को लेकर नाबालिग गृहवधू की दैहिक व मानसिक प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के मामले में उसके ससुर धनंजय कुमार को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी.

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पुरुलिया.

जिला अदालत ने दहेज को लेकर नाबालिग गृहवधू की दैहिक व मानसिक प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के मामले में उसके ससुर धनंजय कुमार को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

घटना और आरोप

मई 2017 में आड़सा थाना क्षेत्र की कविता कुमार का विवाह जयपुर थाना क्षेत्र के भूचुंडी गांव के मालकु कुमार से हुआ था. विवाह के बाद वधू पर दहेज को लेकर लगातार दबाव और अत्याचार होने लग���. 13 नवंबर 2017 को कविता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. वधू के पिता की शिकायत पर जयपुर थाना पुलिस ने उसके ससुर धनंजय कुमार, सास जितनी कुमार और पति मालकु कुमार को गिरफ्तार किया था.

मामले की सुनवाई

चूंकि पति मालकु कुमार नाबालिग था, उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया और बाद में रिहा कर दिया गया. सास की मृत्यु हो जाने से मामला जिला अदालत में मुख्य रूप से ससुर धनंजय कुमार के विरुद्ध चला. जिला अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ससुर को दोषी करार दिया और सजा सुना दी.

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