बदलती जरूरतें पूरी करने को कल्याणकारी योजनाओं में निरंतर नवाचार महत्वपूर्ण

समीक्षा. इसीएल की मेजबानी में हुई 54वीं सीआइएल कल्याण बोर्ड बैठक, डॉ विनय रंजन बोले
कर्मचारी कल्याण, समावेशी विकास, कार्यबल विकास के वास्ते समग्र दृष्टिकोण के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता की गयी रेखांकित सांकतोड़िया/दुर्गापुर. इसीएल ने 54वीं कोल इंडिया लिमिटेड कल्याण बोर्ड बैठक की मेजबानी की. दुर्गापुर में आयोजित इस बैठक में कर्मचारी कल्याण, समावेशी विकास और कोयला क्षेत्र में कार्यबल विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया. बैठक की अध्यक्षता डॉ. विनय रंजन, कोल इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. विनय रंजन ने किया. एमसीएल निदेशक (मानव संसाधन) केशव राव, सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्षनाथ मिश्रा, एनसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार, बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) कृष्ण रमैया, एसइसीएल के निदेशक (मानव संसाधन), इसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन सिन्हा, डब्ल्यूसीएल निदेशक (मानव संसाधन) हेमंत शरद पांडे, सीएमपीडीआइएल के निदेशक (तकनीकी/ कोयला संसाधन विकास) शंकर नागाचारी, एससीसीएल गौथन पोटरू आइएएस, एससीसीएल के प्रतिनिधि डीजीएम पी/डब्ल्यूएंडसीएसआर केसा नारायण राव, यूनियन प्रतिनिधि बीएमएस के टिकेश्वर सिंह राठौड़, एचएमएस के शंकर प्रसाद बेहरा, एटक के अशोक यादव, सीटू के रंजीत मुखर्जी उपस्थित थे. इनलोगों ने कोल इंडिया में कल्याणकारी पहलों की सहयोगात्मक प्रकृति की पुष्टि की. यह कल्याणकारी पहलों की समीक्षा करने, चल रही परियोजनाओं का मूल्यांकन करने और कर्मचारियों व उनके परिवारों की भलाई बढ़ाने को लेकर रोडमैप तैयार करने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करता है. बोर्ड ने कोयला क्षेत्र समुदायों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से आवास और टाउनशिप विकास, स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे, शिक्षा सुविधाओं, खेल को बढ़ावा देने और नई कल्याण परियोजनाओं सहित प्रमुख कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की. सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करने, स्वास्थ्य देखभाल, शैक्षिक सहायता को मजबूत करने, खेल और सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से जीवंत सामुदायिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर जोर दिया गया. सीआइएल कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने अन्य अधिकारियों के साथ इसीएल के झांझरा क्षेत्र स्थित सिंदूर पार्क का दौरा किया, जहां उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं का निरीक्षण और समीक्षा की. झांझरा क्षेत्र स्थित सिंदूर पार्क में प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. 13.02 हेक्टेयर में फैले इस पार्क ने खनन क्षेत्र को एक शांत इको स्पेस में बदल दिया है, जिसमें जापानी उद्यान, जल निकाय, पैदल मार्ग और खेल क्षेत्र शामिल है. कार्यक्रम का समापन सिंदूर पार्क में इसीएल की महिला कर्मचारियों और सीआइएल कल्याण बोर्ड के सदस्यों के बीच एक विशेष चाय पर चर्चा सत्र के साथ हुआ. इस बातचीत ने खुले संवाद, अनुभवों को साझा करने और इसीएल के संचालन में महिलाओं को सशक्त बनाने वाली पहलों पर चर्चा के लिए एक अद्भुत मंच प्रदान किया. इस सत्र में कर्मचारी कल्याण, महिला सशक्तिकरण, समावेशिता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया. अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ बातचीत की और जमीनी स्तर पर कल्याण सुविधाओं का मूल्यांकन किया, जिसके दौरान कर्मचारी कल्याण, कार्यस्थल सुधार और समग्र कल्याण पर सार्थक चर्चा हुई. कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. विनय रंजन ने अपने संबोधन में कार्यबल की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए कल्याणकारी योजनाओं में निरंतर नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने दोहराया कि कर्मचारियों का कल्याण कोल इंडिया के विकास दर्शन का केंद्रबिंदु बना हुआ है, हमारा मानना है कि सार्थक जुड़ाव और हमारे कार्यबल के सभी वर्गों की आवाज सुनना जरूरी है. कर्मचारियों का कल्याण विकास, समानता और एक समृद्ध कार्यस्थल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की कुंजी है.
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