‘वॉव! मोमो’ के खिलाफ रोष, सीटू व डीवाइएफआइ का प्रदर्शन

Published by : AMIT KUMAR Updated At : 29 Jan 2026 9:52 PM

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कोलकाता स्थित ''वॉव! मोमो'' फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड की गूंज अब कोयलांचल क्षेत्र में भी सुनाई देने लगी है. गुरुवार को वामपंथी युवा संगठन डीवाइएफआइ और श्रमिक संगठन सीटू के कार्यकर्ताओं ने रानीगंज के स्कूल मोड़ स्थित मोमो आउटलेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया.

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रानीगंज.

कोलकाता स्थित ””वॉव! मोमो”” फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड की गूंज अब कोयलांचल क्षेत्र में भी सुनाई देने लगी है. गुरुवार को वामपंथी युवा संगठन डीवाइएफआइ और श्रमिक संगठन सीटू के कार्यकर्ताओं ने रानीगंज के स्कूल मोड़ स्थित मोमो आउटलेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक रूप से ””श्रमिकों के खून से सने मोमो”” दिखा कर आम जनता से इस ब्रांड के बहिष्कार का आह्वान किया.

फैक्टरी पर गंभीर आरोप : बाहर से ताला लगा कर कराते थे काम

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि कोलकाता की उक्त फैक्टरी पूरी तरह अवैध थी, जिसे जल-निकायों को भरकर बनाया गया था. आरोप है कि वहां अग्नि सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. नेतृत्व का दावा है कि फैक्ट्री में मजदूरों से 12-14 घंटे काम कराया जाता था और रात के समय उन्हें अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया जाता था.यही कारण रहा कि आग लगने के वक्त श्रमिक बाहर नहीं निकल सके और 16 निर्दोष मजदूरों की मौत हो गयी.

आंकड़े छिपाने का इल्जाम और मुआवजे की मांग

मामले में प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सीटू नेता सुप्रिय राय और हेमंत प्रभाकर ने कहा कि जहां 30 से अधिक श्रमिक लापता हैं, वहीं सरकारी आंकड़ों में यह संख्या मात्र तीन क्यों दिखायी जा रही है? संगठनों ने मांग की है कि फैक्टरी मालिक को तत्काल गिरफ्तार किया जाये. मृतकों के परिजनों को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाये. साथ ही शोकाकुल परिवार के बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार उठाये. यह भी मांग की गयी कि लापरवाही के लिए जिम्मेदारी लेते हुए दमकल मंत्री और कोलकाता के मेयर तुरंत इस्तीफा दें.

प्रदर्शन के दौरान वामपंथी नेताओं ने इस मामले में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक और विपक्षी दल के नेता के बीच ””गुप्त समझौता”” है, जिसके कारण जांच को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चूंकि अधिकांश श्रमिक पूर्व मेदिनीपुर के थे, इसलिए निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आयेगा. प्रदर्शन के दौरान सीटू नेता सुप्रिय राय, हेमंत प्रभाकर के साथ मनोजीत बोस और युवा नेता गौरव ढल्ल एवं सुकांत चटर्जी आदि सक्रिय रहे. साफ किया कि जब तक श्रमिकों को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

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