ठंड बढ़ने से कोयलांचल व शिल्पांचल में आम जनजीवन प्रभावित
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कुहासे की वजह से यातायात पर पड़ा रहा प्रभाव कुहासे की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनें व बसें चली िवलंब से दुर्गापुर. दुर्गापुर महकमा समेत पूरे शिल्पांचल में ठंड अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. सुबह से ही शिल्पांचल के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. ठंडी हवाएं भी चल रही थीं. इससे ठिठुरन […]
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कुहासे की वजह से यातायात पर पड़ा रहा प्रभाव
कुहासे की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनें व बसें चली िवलंब से
दुर्गापुर. दुर्गापुर महकमा समेत पूरे शिल्पांचल में ठंड अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. सुबह से ही शिल्पांचल के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. ठंडी हवाएं भी चल रही थीं. इससे ठिठुरन बढ़ गई है.
मौसम के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है. सुबह से कुहासे की वजह से यातायात पर गहरा प्रभाव पड़ा रहा है. ठंड के साथ बढ़ते घने कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. लंबी दूरी की ट्रेनें 24 घंटे तक की देरी से चल रही है. रेलवे सूत्रों ने बताया िक उत्तर भारत में घने कोहरे के चलते ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ रहा है. ट्रेनों के लेट होने के कारण यात्रियों की परेशानी अभी से ही बढ़ने लगी है. दिसंबर और जनवरी का आना शेष है. रेलवे द्वारा दिसंबर व जनवरी में होने वाले घने कोहरे के चलते लंबी दूरी की कई ट्रेनों के परिचालन को रद्द या आंशिक किया जाता है. शुक्रवार सुबह सात बजे तक आसमान कोहरे में ढका रहा. दिन में भले ही अच्छी धूप निखर रही हो लेकिन सुबह-शाम सूखी ठंड बनी हुई है.
सूखी ठंड में बीमारियों से बचने को बरतें सावधानी
दिन गुजरते ही शाम की ठंडी हवा का असर अब आम लोगों पर पड़ने लगा है. मौसम के बदलाव के साथ ही दिन में कभी गरमी तो कभी ठंड से वायरस फैलने की आशंका बढ़ गई है.
आमलोग सरदी जुकाम की चेपट में आने लगे हैं. ऐसे में किसी भी बीमारी को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के िलये नुकसानदेह सािबत हो सकता है. दमा से पीड़ित मरीज को सांस लेने में तकलीफ अधिक हो जाती है. इस मौसम में खासकर बच्चे ज्यादा संक्रिमत होते हैं. वे ठंड में लापरवाही बरतते है और आसानी से बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में लोगों को अपने शरीर का ध्यान स्वयं देना होगा. सूखी ठंड से बचने के लिए गरम कपड़ों का प्रयोग करना होगा और सरदी में उबला हुआ पानी पीने पर वह शरीर के िलये लाभदायक होगा.
गरम कपड़ों की कीमत में इजाफा, खरीदारी हुई तेज
सर्द मौसम को देखते हुये कंबल की दुकानें जगह-जगह सजने लगी हैं. पिछले वर्ष की तुलना में गरम कपड़ों की कीमत बढ़ने से अभी खुदरा खरीदारी में तेजी नहीं आई है. लेकिन कॉटन के मुकाबले सिंथेटिक कंबलों की कीमत कम होने से इनकी मांग बढ़ गई है.
खासकर रंग-बिरंगे कोरियाई कंबल ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. स्थानीय व्यवसायी राधेश्याम ने बताया िक बाजार में रूई के अलावा सिंथेटिक के दाम बढ़ने से रजाइयों के दाम बढ़ गये हैं. वर्तमान समय में पोलियेस्टेबल और एिक्रलिक से बने कंबलों की मांग बढ़ी है. हालांकि, ये भी मंहगे हुये हैं. फिर भी रजाई के मुकाबले डेढ़ से दो सौ रुपये सस्ते हैं. सिंथेटिक रूई के मूल्य में 25-30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसी अनुपात में रजाई महंगी हो गई है. बाजार में रूई 145-150 रुपये किलो तक बिक रही है. सस्ती क्वालिटी वाली कॉवर व होजरी वेरायटी की सिंथेटिक रूई भी 40 प्रतिशत तक मंहगी हुई है.
बनबहाल फांड़ी के समक्ष िकया प्रदर्शन
प्रबंधन पर आरोप, तृणमूल नेता के इशारे पर युवक को हटाया गया काम से
बनबहाल फांड़ी में प्रबंधन के िखलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी
हरिपुर. बनबहाल फांड़ी के बनबहाल आरआरई पैच कर्मी कािलया िसंह(25) की मौत के बाद नाराज परिजनों ने प्रबंधन के िखलाफ बनबहाल फाड़ी में प्रदर्शन िकया और मांगों से संबंधी पत्र सौंपा. उल्लेखनीय है िक कर्मी को हाल ही में प्रबंधन ने काम से हटा दिया था. परिजनों की शिकायत है िक काम छूट जाने के बाद भूख और िचंता के कारण उसकी मौत हो गई.
मृतक कर्मी की मां कुंती देवी ने बताया िक उनका बेटा बनबहाल के आरआरई पैच में काम करता था. दो माह पहले उसे तृणमूल नेता के इशारे पर पैच प्रबंधन ने उसे काम से बैठा िदया. कहा जा रहा है िक उसके िपता की तृणमूल नेता के साथ कभी िकसी बात को लेकर बहस हुई थी. उसके बाद उसने प्रबंधन के साथ मिलकर इस कार्य को अंजाम िदया.
बेरोजगार होने के बाद उनका बेटा उदास रहने लगा. आर्थिक तंगी ने उसे आ घेरा. कई बार वह भूखा ही सो जाता था. कई-कई िदनों तक खाना नहीं खाता था. लेकिन कभी किसी को कुछ नहीं कहता था. धीरे-धीरे उसे बीमारी ने घेर िलया. उसने पैच प्रबंधन से कई बार काम पर रखने की गुहार लगाई लेिकन अधिकारी साफ-तौर पर उससे कहते िक तृणमूल नेता नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती से लििखत लाओ, उसके बाद ही काम पर रखा जायेगा. इसी तरह दो माह बीत गये लेिकन उसे काम पर नहीं रखा गया.अंत में उसकी मौत हो गयी लेकिन काम नहीं मिला. इसलिये प्रबंधन के खिलाफ बनबहाल फांड़ी में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है.
इस संबंध में पैच प्रबंधन काशी िसंह ने कहा िक उसे काम से नहीं निकाला गया था, वह खुद ही नहीं आ रहा था. लंबे समय तक जब उसने ड्यूटी ज्वाइन नहीं िकया तो उसकी जगह पर दूसरे को रखा गया. बनबहाल फांड़ी प्रभारी सुदीप्ता प्रमािणक ने कहा िक शिकायत नहीं केवल एक लिखित जानकारी दी गई है. पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
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