सांकतोड़िया : कोल माइंस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को विभिन्न मांगों के समर्थन में इसीएल मुख्यालय (सांकतोड़िया) गेट के समक्ष प्रदर्शन किया तथा सभा आयोजित की.
बाद में एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने कार्मिक निदेशक के तकनीकी सचिव एसडी दासगुप्ता को सैांपा. मौके पर संस्था के महामंत्री एसएन घोष, अध्यक्ष शांति गोपाल मुखर्जी, अब्दूल रसीद, श्यामापद मंडल, गौतम घटक आदि ने नेतृत्व किया. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बीते एक जनवरी, 2007 के पे रीविजन के समय से ही रिटायर्ड अधिकारियों को एनपीएस का लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्हें पुराने नियम के अनुसार ही पेंशन देने की मांग लगातार की जा रही है. एनपीएस मद में कोल इंडिया लिमिटेड के पास 1109.71 करोड़ रुपये की राशि जमा है, पर निर्णय के अभाव में एनपीएस के तहत राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है. कोयला मंत्रलय कोल इंडिया को पत्र भेजकर एनपीएस लागू कराने का निर्देश दे चुका है. उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन हमेशा से अधिकारियों की अपेक्षा करता आया है. नोटबंदी से हो रही परेशानी को देखते हुए कोल इंडिया के कर्मियों को 10-10 हजार नगद देने का फैसला किया गया, लेकिन अधिकारियों को इससे वंचित रखा गया है.
उन्होंने कहा कि सभी श्रमिक, कर्मचारी और अधिकारियों के लिए एक समान पेंशन स्कीम बनायी जाये. पेंशन स्कीम के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच फूट डालने की नीति बंद करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिनको सबसे कम पेंशन मिलता है, उनके साथ साथ सबके पेंशन की राशि बढ़ाने के लिए आंदोलन करना होगा. कोल इंडिया द्वारा बनायी गयी कंट्रीब्यूट्री पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम को पूरी तौर पर लागू करना होगा.
कैश लेस चिकित्सा संबंधी निर्देश तुरंत लागू करना होगा. पिछले 18 वर्षो के बीच सबसे कम पेंशन पानेवालों के पेंशन की राशि बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया गया. देश के नवरत्नों में गिनी जानेवाली सबसे बड़ी कंपनी कोल इंडिया के लाखों रिटायर हुए लोग पेंशन बंद हो जाने की आशंका में दिन गिन रहे है.
