सारधा,नारद में मिले पांच सौ, एक हजार के नोट

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प्रतिबंधित होने के बाद आक्रोश निकाल रही मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी तृणमूल के साथ नहीं हो सकता कोई गंठबंधन बांकुड़ा : पांच सौ एवं एक हजार रु पये के नोटो को प्रतिबंधित किये जाने के कारण आम जनता को हो रही परेशानी को मुद्दा बना कर केंद्र सरकार पर करारा हमला […]

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प्रतिबंधित होने के बाद आक्रोश निकाल रही मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर
भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी तृणमूल के साथ नहीं हो सकता कोई गंठबंधन
बांकुड़ा : पांच सौ एवं एक हजार रु पये के नोटो को प्रतिबंधित किये जाने के कारण आम जनता को हो रही परेशानी को मुद्दा बना कर केंद्र सरकार पर करारा हमला करनेवाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य तथा राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र ने निशाने पर लिया. नवंबर क्रांति की शतवार्षिकी पर शहर के बंग विद्यालय परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व उनकी पार्टी तृणमूल को सारधा व नारदा घोटाले में पांच सौ व एक हजार रुपये के ही नोट मिले थे. इस कारण वे इन नोटों को प्रतिबंधित किये जाने का विरोध कर रही है. सनद रहे कि मुख्यमंत्री ने केंद्र के खिलाफ माकपा के साथ भी आंदोलन करने पर सहमति जतायी थी.
माकपा के राज्य सचिव श्री मिश्र ने कहा कि शारदा सहित दर्जनों चिटफंड कंपनियों ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों पर ही कार्य शुरू किया था. जितने भी स्टिंग ऑपरेशन सामने आये हैं, उनमें तृणमूल नेता पांच सौ व एक हजार रुपये के नोटों के बंडल लेते देखे गये हैं. यही कारण है कि मुख्यमंत्री इन नोटों के प्रतिबंधित होने के बाद गुस्सा कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ माकपा के साथ संघर्ष करने की घोषणा की है. पार्टी के कई नेताओं से उन्होंने विभिन्न माध्यमों से संपर्क भी साधा है. लेकिन उनका मानना है कि राज्य में तृणमूल स्वयं ही भ्रष्टाचार की गंगोत्री है. इसके साथ किसी अन्य के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे हो सकती है. माकपा व उसके जन संगठन पहले से ही केंद्र व राज्य के भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी, सांप्रदायिकता व असहिष्णुता के खिलाफ लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उनके कर्मियों की हत्या हो रही है, उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है.
डॉ मिश्र ने कहा कि देश के हर नागरिक केबैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करने के वायदे के साथ सत्ताशीन हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश से कालाधन वापस लाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं. पंद्रह लाख रुपये तो दूर, पंद्रह पैसे भी खाते में जमा नहीं किये गये. मुद्दे से जनता का ध्यान हटाने के लिए वे अभी तीन तलाक के मुद्दे को चर्चा में रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि आम जनता ने श्री मोती को पहला तलाक दिल्ली विधानसभा चुनाव में, दूसरा तलाक बिहार विधानसभा चुनाव में दे दिया है. तीसरा तलाक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिल जायेगा.
उन्होंने कहा कि आतंक फैला कर वामपंथी शक्तियों को रोका नहीं जा सकता है. राज्य मे शासक दल के स्तर से वामफ्रंट के कर्मियो पर लगातार हमले हो रहे है. नेताओ को डरा धमकाकर तृणमूल में शामिल होने के लिये प्रलोभन दिये जा रहे है. उन्होने नवंबर क्रांति के विभिन्न पहलूओं व प्रासंगिकता की चर्चा की. सभा को ओमियो पात्न , सीपीएम के जिला सचिव अजित पति आदि ने भी संबोधित किया.
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