बीएसएनएल के डीजीएम के समक्ष प्रदर्शन

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आसनसोल : बीएसएनएल के देश भर में फैले 62 हजार वीटीएस टावरों को लेकर अनुषांगिक कंपनी बनाने के केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में ज्वायंट फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एंड एसोसिएशन के बैनर तले आसनसोल डीजीएम कार्यालय में उपमहाप्रबंधक केएस अच्यूतरमण के कक्ष के बाहर कर्मियों ने प्रदर्शन किया. सनद रहे कि बीएसएनएल के […]

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आसनसोल : बीएसएनएल के देश भर में फैले 62 हजार वीटीएस टावरों को लेकर अनुषांगिक कंपनी बनाने के केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में ज्वायंट फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एंड एसोसिएशन के बैनर तले आसनसोल डीजीएम कार्यालय में उपमहाप्रबंधक केएस अच्यूतरमण के कक्ष के बाहर कर्मियों ने प्रदर्शन किया. सनद रहे कि बीएसएनएल के टावरों को लेकर नयी अनुषांगिक कंपनी बनाने के निर्णय को सरकार ने कंपनी हित और राजस्व ऊपाजर्न की दिशा में सार्थक कदम बताया है, जबकि यूनियनों ने टावरों को बीएसएनएल से अलग करने के निर्णय को ढांचागत बिखराव कर बीएसएनएल संस्थान को कमजोर करने की साजिश करार दिया है. वर्तमान में बीएसएनएल टावरों को निजी कंपनियों से साझा कर कंपनी को सालाना दो सौ करोड़ रूपये आनुमानित लाभ हो रहा है
जबकि नयी योजना के तहत टावरों को निजी टेलिकॉम कंपनियों से साझा कर लाभ की राशि को सालाना दो हजार से ढ़ाई हजार करोड़ रूपये तक बढ़ाने की योजना है. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ज्वायंट फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एंड एसोसिएशन के आसनसोल मंडल अध्यक्ष समीर दास ने कहा कि देश भर में फैले बीएसएनएल के हजारों टावरों को बीएसएनएल कर्मियों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर खड़ा किया है. कंपनी नित नये हथकंडे अपना कर संस्थान के निजीकरण का साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि आसनसोल मंडल में बीएसएनएल के 115 से ज्यादा टूजी और थ्रीजी टावर हैं. अगर नयी कंपनी बनी तो यहां टावरों के रख रखाव में कार्यरत कर्मचारियों को हटना पडेगा. नयी कंपनी बनने के बाद उन्हीं टावरों के उपयोग के लिए बीएसएनएल को किराया देना पड़ेगा.
यह संस्थान के लिए एक अतिरिक्त खर्च होगा. टावरों को लेकर नयी कंपनी बनाकर इसे निजी हाथों में देने की योजना है. जिसके तहत टावरों के रख रखाव और मरम्मत कार्य से जुडे देश भर के लाखों बीएसएनएल कर्मियों को हटाकर उसके जगह निजी कंपनी अपनी सुविधा और शर्तो पर अपने कर्मियों को नियुक्त करेगी. देश भर में वोडाफोन के 58 हजार, एयरटेल के 53 हजार टावर हैं. उन्हें लेकर नयी कंपनी बनाने की योजना क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के संपूर्ण मुनाफे का 42 प्रतिशत देश भर में फैले टावरों के जरिये वायरलेस ऑपरेशन से आता है.
लैंड लाइन और लीज लाइन में पहले की तरह मुनाफा नहीं है. इन टावरों को ही बेच कर संस्थान के मेरूदंड पर ही चोट किये जाने की योजना है.
उन्होंने कहा इसके लिए देश भर में मजबूती से आंदोलन और विरोध करने की जरूरत है. अवसर पर बीएसएनएल इम्प्लाइज यूनियन के आसनसोल मंडल सचिव सुब्रत मिश्र, सह सचिव रामाधार सिंह, ऑल इंडिया निगम लिमिटेड के सदस्य संजय मिश्र, ऑल इंडिया पेंशनर्स एसोशिएसन के आसनसोल मंडल अध्यक्ष मृदुल कांति चटर्जी, कैजूअल मजदूर यूनियन के आसनसोल मंडल सह सचिव विवेक चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे.
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