मेधावी छात्रों, प्रधान शिक्षकों, अखाड़ों, पुस्तकालयों का सम्मान 25 को
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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आसनसोल : आसनसोल हिंदी जन कल्याण मंच आगामी 25 अगस्त को स्थानीय रवीद्र भवन में आसनसोल नॉर्थ विधानसभा तथा आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 31 हिंदी माध्यम स्कूलों के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के तीन स्कूल टॉपरों को सम्मानित करेगा. यह जानकारी मंच के अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष एसके पांडेय, शैलेन्द्र सिंह, सचिव राजेश सिंह […]
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आसनसोल : आसनसोल हिंदी जन कल्याण मंच आगामी 25 अगस्त को स्थानीय रवीद्र भवन में आसनसोल नॉर्थ विधानसभा तथा आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के 31 हिंदी माध्यम स्कूलों के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के तीन स्कूल टॉपरों को सम्मानित करेगा.
यह जानकारी मंच के अध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष एसके पांडेय, शैलेन्द्र सिंह, सचिव राजेश सिंह तथा कोषाध्यक्ष रामनाथ तिवारी ने मंगलवार को दी. उन्होंने कहा कि कुल दो सौ मेधावी छात्रों के साथ ही इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों तथा इन इलाकों में स्थित सभी निवंधित पुस्तकालयों, अखाड़ों व क्लबों के फ्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया जायेगा. कार्यक्रम में राज्य के श्रम सह विधि व न्याय मंत्री मलय घटक, अड्डा चेयरमैन तापस बनर्जी , वाइस चेयरमैन उज्जवल चटर्जी, इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के वरीय अधिकारी शामिल होंगे. मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि समारोह की सारी तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है. सभी स्कूलों से इस वर्ष की माध्यमिक व उच्च माध्यमिक परीक्षा की वार्षिक परीक्षा में स्कूल टॉपर रहे स्टूडेंट्सों की सूची मंगा ली गयी है. उन्हें मोमेंटो व पुस्तकें देकर सम्मानित किया जायेगा.
इसके साथ ही इन स्कूलों के प्रधानशिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा. उ’्होंने कहा कि इलाके में बड़ी संख्या में राज्य सरकार के स्तर पर निबंधित पुस्तकालय, क्लब व अखाड़ों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया जायेगा. इसमें केएनयू, आइएसपी, आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के वरीय अधिकारी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि आसनसोल में पहली बार किसी संस्था ने इतने बड़े पैमाने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया है.
हिंदी माध्यम के छात्रों में अपेक्षित रूप से कम सुविधा मिलने के कारण प्रतिभा रहने के बावजूद वे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते है. इस कारण सरकारी स्तर पर उनका सम्मान कम हो पाता है. इस सम्मान समारोह से हिंदी माध्यम के छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा भविष्य में उनका भी बेहतर प्रदर्शन होगा. उन्होंने कहा कि हिंदी भाषी समाज में जागरुकता व एक जुटता के लिए मंच लगातार सक्रिय है. रक्षाबंधन के मौके पर हॉटन रोड, रेलपार तथा बर्नपुर में शिविर लगा कर दस हजार से अधिक लोगों को राखियां बांधी गयी थी.
क्यों है इसकी अनिवार्यता
पश्चिम बंगाल में सैक ड़ों की संख्या में हिंदी माध्यम के उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों का संचालन होता है. प्रति वर्ष इन स्कूलों से 50 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होते हैं. लेकिन उन्हें परीक्षा में बांग्ला या अंग्रेजी भाषा में प्रश्न पत्र का विकल्प मिलता है. जबकि माध्यमिक परीक्षा तक उन्हें हिंदी मे ं प्रश्नपत्र मिलते हैं.
राज्य सरकार की पहल पर शुरू हिंदी माध्यम कॉलेजों में भी हिंदी में प्रश्न पत्र मिल रहे हैं. उच्च माध्यमिक परीक्षा में भाषा बदल जाने के कारण अधिसंख्य परीक्षार्थी प्रश्न को सही तरीके से नहीं समझ पाते हैं तथा उत्तर जानते हुए भी लिख नहीं पाते हैं. इसके कारण उनका रिजल्ट खराब हो जाता है तथा योग्यता व प्रतिभा रहने के बाद भी अच्छे कॉलेज में उनका नामांकन नहीं हो पाता है.
इसके कारण उनका कैरियर प्रभावित होता है. वैसे भी माङयम व स्नातक स्तर पर हिंदी माध्यम में परीक्षा पत्र उपलब्ध होने के बाद उच्च माध्यमिक परीक्षा में प्रश्न पत्र न मिलने का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है.
जिलाशासक को विभिन्न स्तरों से ज्ञापन: बर्दवान के जिलाशासक डॉ सौमित्र ने कहा कि मंत्री श्री घटक, हिंदी माध्यम शिक्षा विकास मंच सहित विभिन्न स्तरों से उन्हें इस संबंध में पत्र व ज्ञापन मिले थे. उन्होंेने उचित टिप्पणी के साथ संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों के पास अग्रसारित कर दिया था. उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को यदि इस निर्णय से सुविधा मिलेगी तो बेहतर है.
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