लागू होगी इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम, शुरू हो गयी प्रक्रिया

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चौकसी. आसनसोल स्टेशन के चप्पे-चप्पे पे होगी सीसीटीवी कैमरे की नजर पूर्व रेलवे जोन में महिला यात्रियों को सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेलवे बोर्ड ने इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही आरपीएफ के प्रशिक्षित कमांडो भी जोड़े जायेंगे. इसकी प्रक्रिया शुरू हो […]

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चौकसी. आसनसोल स्टेशन के चप्पे-चप्पे पे होगी सीसीटीवी कैमरे की नजर
पूर्व रेलवे जोन में महिला यात्रियों को सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेलवे बोर्ड ने इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही आरपीएफ के प्रशिक्षित कमांडो भी जोड़े जायेंगे. इसकी प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
आसनसोल. भारतीय रेलवे बोर्ड ने आसनसोल तथा दुर्गापुर स्टेशनों पर इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. यह जानकारी पूर्व रेलवे जोन के रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक सह मुख्य सुरक्षा आयुक्त वीके ढाका ने दी. उन्होंने कहा कि महिला यात्रियों की सुरक्षा तथा आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का मुख्य जोर इस योजना के तहत है.
उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों को काफी संवेदनशील माना गया है. इन पर आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करना तथा महिला यात्रियों को सुरक्षा देना प्राथमिकता है. इसके लिए इन स्टेशनों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाने के साथ ही सुरक्षा के अन्य उपकरण लगाये जाने हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए सरकारी कंपनी ब्रॉडकास्टिंग इंजीनियरिंग कन्सलटेंट इंडिया को अनुबंधित किया गया है. इस कंपनी ने इसका कार्य भी शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि स्टेशनों के हर इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे तथा इसका संचालन कंट्रोल रूम से किया जायेगा. इस योजना के साथ प्रशिक्षित आरपीएफ कमांडो भी जुड़े रहेंगे जो आवश्यकतानुसार एक्शन लेंगे. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के अन्य नौ स्टेशनों को भी इस इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम से जोड़ने का निर्णय लिया गया है.
इनमें बर्दवान, मालदा, कोलकाता (चितपुर), दमदम , माजेरहाट, बालीगंज, विधाननगर, हावड़ा व सियालदह स्टेशन शामिल है. सूत्रों ने कहा कि आसनसोल झारखंड की सीमावर्ती बड़ा स्टेशन हैं जबकि दुर्गापुर औद्योगिक इलाके का मुख्य स्टेशन है. बर्दवान जिला मुख्यालय बांग्लादेशी आतंकवादियों की गतिविधियों को लेकर काफी चर्चित हो चुका है.
इस कारण इन स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था क ड़ी की जा रही है. सुरक्षा के मुद्दे पर रेलवे बोर्ड किसी भी तरह से रिस्क लेने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही यह योजना जमीन पर उतर आयेगी.
मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ढाका ने कहा कि इस योजना के लिए पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के सलुआ में स्थित इस्टर्न फ्रंटियर राइफल ट्रेनिंग सेंटर में रेलवे सुरक्षा बल के 32 कमांडों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस समय पूर्व रेलवे जोन में आरपीएफ के पास 187 प्रशिक्षित कमांडो हैं. इसके साथ ही चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्‍स (सीएलडब्ल्यू) तथा मेट्रो रेल में 30-30 विशेष कमांडो की यूनिट सुरक्षा के लिए तैनात की जायेगी.
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पूर्व रेलवे जोन में महिला यात्रियों कीसुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. रेलवे बोर्ड ने जोन के 236 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरें लगाने का आदेश दिया है.
भारतीय रेल के किसी भी जोन में इतनी बड़ी संख्या में स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरें नहीं लगाये गये है. इसके लिए निर्भय फंड से राशि उपलब्ध करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि जोन के पास पहले से ही 37 प्रशिक्षित कुत्ते हैं. इसके साथ ही चार अतिरिक्त कुत्ते और आवंटित किये जायेंगे. पहले से उपलब्ध 37 कुत्ताें में 32 स्नीफर तथा पांच ट्रेकर्स हैं.
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