कोल इंडिया लिमिटेड तथा उसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के कर्मियों के लिए नये वेतन समझौते की अवधि शुरू हो चुकी है. पुराने वेतन समझौते की अवधि 30 जून को समाप्त हो गयी. यूनियनों के दबाव के बाद सीआइएल ने अधिकारियों की टीम गठित कर दी है. अब जेबीसीसीआइ के गठन की बारी है.
आसनसोल : कोल इंडिया प्रबंधन ने दसवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के लिए अंतरिम टीम का गठन कर दिया है. हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के नेता एसके पांडेय ने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि देर से ही सही, प्रबंधन ने वेतन समझौते की दिशा में सार्थक कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि यूनियनों व श्रमिकों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन का दबाब बनाये रखना होगा.
श्री पांडेय ने कहा कि सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया तथा उसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के कर्मियों के लिए नौवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की अवधि 30 जून को ही समाप्त हो चुकी है. कोयलामंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि इस अवधि के समाप्त होने से पहले ही दसवां राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता कर लिया जायेगा. लेकिन यह घोषणा कागज पर ही रह गयी.
वेतन समझौता तो दूर, इसके लिए पहले चरण की प्रक्रिया यानी जेबीसीसीआइ-10 का गठन भी नहीं हो सका. कुछ क्षेत्रीय यूनियनों ने इस मामले को कोर्ट में ले जाने की कोशिश की तथा द्विपक्षीय वेतन समझौते की प्रक्रिया को ही कटघरे में ला खड़ा किया. लेकिन यह मामला अधिक दिनों तक नहीं टिका. इधर केंद्रीय यूनियनों ने वेतन समझौते के लिए दबाब बढ़ाना शुरू कर दिया. दो सितंबर की राष्ट्रीय औद्योगिक हड़ताल में भी इस मुद्दे को शामिल किया. इसके बाद सरकार की नींद टूटी है.
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया के महाप्रबंधक (एमपीएंडआइआर) भगवान पांडेय ने बीते 27 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि गैर अधिकारी कैडर के कर्मियों के आगामी वेतन समझौते के लिए सीआइएल व अनुषांगिक कोयला कंपनियों के अधिकारियों की टीम गठित की गयी है.
इसमें सीआइएल के मुख्य प्रबंधक (वित्त व लेखा) समीरन दत्ता, सीएमपीडीआइएल के वरीय प्रबंधक (कार्मिक) नवीन कुमार सिन्हा, बीसीसीएल के उप प्रबंधक नीलांजना चक्रवर्ती, सहायक प्रबंधक (कार्मिक) शैलेन्द्र कुमार सिंह, एनसीएल के सहायक प्रबंधक हर्षवर्धन मिश्र, एसइसीएल के सहायक प्रबंधक (कार्मिक) धर्मेन्द्र दत्त तिवारी तथा सहायक प्रबंधक (वित्त) रोशन पाठक आदि शामिल है. इस टीम के साथ सीआइएल मुख्यालय के कई अधिकारी सहयोग करेंगे. इनमें सीआइएल के वरीय प्रबंधक (कार्मिक/ जेबीसीसीआइ) मनोज कुमार, सहायक प्रबंधक (कार्मिक) रोहित कुमार पांडेय, सहायक प्रबंधक (कार्मिक) ऋतिका श्रीवास्तव तथा वरीय अधिकारी (कार्मिक) अभिलाष कुमार सिंह शामिल हैं.
आदेश में कहा गया है कि यह टीम/ कमेटी राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-10 पर हस्ताक्षर होने तक प्रभाव में रहेगी तथा कार्य करेगी. इस टीम की पहली बैठक दो अगस्त से पांच अगस्त तक सीआइएल मुख्यालय में होगी.
श्री पांडेय ने कहा कि इस टीम के गठन के साथ ही प्रक्रिया शुरू हो गयी है, टीम की पहली बैठक के बाद ही विभिन्न यूनियनों से प्रतिनिधियों के नाम मांगें जायेंगे तथा दसवें जेबीसीसीआइ का गठन होगा. इसके बाद ही बैठकें शुरू होगी. उन्होंने कहा कि शीघ्र समझौते के लिए जरूरी है कि यूनियन अपने स्तर से दबाब बनाये रखे. बिना आंदोलन के कोल इंडिया में कर्मियों को कभी भी कुछ नहीं मिला है.