बनेगा विशेष संग्रहालय

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सिटी ऑफ ब्रदरहुड के रूप में आसनसोल शहर को विकसित करने की दिशा में मेयर जितेन्द्र विारी ने शहर में विशेष संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया है. इसमें बौद्ध तथा जैन धर्म से संबंधित अवशेषों को शामिल किया जायेगा. संस्कृति की दिशा में यह नायाब पहल साबित होगी. आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में […]

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सिटी ऑफ ब्रदरहुड के रूप में आसनसोल शहर को विकसित करने की दिशा में मेयर जितेन्द्र विारी ने शहर में विशेष संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया है. इसमें बौद्ध तथा जैन धर्म से संबंधित अवशेषों को शामिल किया जायेगा. संस्कृति की दिशा में यह नायाब पहल साबित होगी.
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में बिखरे बौद्ध धर्म से जुड़ी प्रतिमाओं व अन्य सामग्रियों को सहेज कर रखने के लिए नगर निगम प्रशासन ने शहर में संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया है.
मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही विशेष कमेटी का गठन कर इस दिशा में पहल की जायेगी. उन्होंने कहा कि आसनसोल कोयलांचल सहित पूरे बर्दवान जिले में इस तरह से अवशेष बिखरे पड़े है. इतिहास व संस्कृति को समझने के लिए यह पहल काफी जरूरी है.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि ‘क्लीन आसनसोल-ग्रीन आसनसोल’ अभियान को मंजिल तक पहुंचाने के लिए नगर निगम में स्टेंडिंग कमेटी का गठन किया गया है. पिछले माह स्टैंडिंग कमेटी ने ऐतिहासिक स्थलों पर सफाई अभियान चलाया तथा इन स्थानों की सफाई के प्रति नागरिकों को जागरूक किया.
इसी क्रम में बराकर स्थित सिद्धेश्वर मंदिर की सफाई की गयी. सफाई के दौरान ही स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष बबीता दास, सदस्य कल्याण दास गुप्ता आदि ने मंदिर के सटे दक्षिणी हिस्से में स्थित तालाब में कई मूत्तिर्यों के भगावेश देखे. उन्होंने उसकी जांच पड़ताल की. उन्हें बताया गया कि सभी काले पत्थर से बनी गौतम बुद्ध की मूत्तिर्यां हैं. जिन्हें कालक्रम में इस तालाब में फेंक दिया गया है. उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक मूत्तिर्यों का काफी महत्व है.
उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी ने इन मूत्तिर्यों के संरक्षण की अनुशंसा नगर निगम प्रशासन से की है.उन्होंने कहा कि उन्होंने जब अपने स्तर से इसकी जानकारी ली तो पता चला कि आसनसोल नगर निगम इलाके में इस तरह के अवशेष सिर्फ बराकर में ही नहीं, नगर निगम के विभिन्न इलाकों में बिखरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि पाटलीपुत्र में जब बौद्ध धर्म की स्थापना हुयी तो इस कोयलांचल के लोग सबसे पहले उससे प्रभावित हुए. वैसे भी दक्षिण भारत जाने का रास्ता आसनसोल से ही गुजरता है. नगर निगम क्षेत्र में महावीर द्वारा चलाये गये जैन धर्म के भी काफी अवशेष है. इन सभी को सहेजने की सख्त जरूरत हैं. क्योंकि इनमें इतिहास व संस्कृति छिपी हुयी है. किसी भी समाज को अग्रगति हासिल करने के लिए इन दो विषयों की जानकारी जरूरी है.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि इन ऐतिहासिक अवशेषों व तथ्यों को सहेजने के लिए नगर निगम प्रशासन के स्तर से विशेष संग्रहालय का निर्माण किया जायेगा. उसमें इन्हें सहेज कर रखा जायेगा.
आनेवाली पाढ़ी इससे काफी लाभान्वित होगी. उन्होंने कहा कि शहर के कई नागरिकों को विशेष-विशेष शौक है. किन्हीं को डाक टिकटों के संग्रह का शौक है तो किसी को विभिन्न राष्ट्रों के मुद्रा या विभिन्न किस्म की कलाकृत्तियों का. आमतौर पर विशेष अंतराल के बाद उनके सामने अपने सहेजे गये सामानों के सहेजने की चिंता होने लगती है. वैसी सामग्रियों को भी इस संग्रहालय में स्थान मिलेगा ताकि इस संग्रहालय को विविधता मिल सके.
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