कोयला चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
कोल इंडिया मुख्यालय ने जारी किया सख्त निर्देश इसीएल ने पहले से ही कर रखी है तैयारी, मिलने लगे रिजल्ट सांकतोड़िया. इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र ने कहा कि कोयले की चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर कंपनी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है. चोरी रोकने को लेकर इलेक्ट्रॉनिक फेंसिंग व जीपीएस लगाया […]
विज्ञापन
कोल इंडिया मुख्यालय ने जारी किया सख्त निर्देश
इसीएल ने पहले से ही कर रखी है तैयारी, मिलने लगे रिजल्ट
सांकतोड़िया. इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र ने कहा कि कोयले की चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर कंपनी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है. चोरी रोकने को लेकर इलेक्ट्रॉनिक फेंसिंग व जीपीएस लगाया गया है. उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रलय द्वारा निर्देश दिया गया था कि अप्रैल माह के अंत तक कोल इंडिया एवं अनुषंगी कंपनियों में कोयला चोरी रोकने के लिये इलेक्ट्रॉनिक फेसिंग तथा जीपीएस लगाने का काम पूरा करना है.
परंतु इसीएल ने पहले ही इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली है. इलेक्ट्रॉनिक फेसिंग के बारे में बताया कि इससे आशय गुगल मे¨पग के आधार पर खनन क्षेत्र की फेसिंग यानी एक तरह से सीमांकन करना है. इसमें सेटेलाइट की मदद ली जाती है. रूट निर्धारण कर कोयला लदे वाहनों की आवाजाही इसी रूट पर होनी है. उन्होंने कहा कि कोयला परिवहन में उपयोग होनेवाले ट्रक, डंपर एवं हाइवा में जीपीएस ट्रेकिंग डिवाइस लगाया गया है. जो रेडियो फ्र ीक्वेंसी के जरिये डाटा भेज रहे हैं. वाहन यदि तय रूट से भटकता है तो कंट्रोल रूम को अलर्ट मैसेज मिलता है. कनेक्शन हो तो अलर्ट मैसेज मोबाइल फोन पर भी कोलियरी मैनेजर को मिल सकता है. इसके बाद उस ट्रक को आसानी से पकड़ा जा सकता है.
मालूम हो कि इसीएल जैसी कोयला कंपनी में कोयला चोरी का सबसे बड़ा जरिया साइकिल है. साइकिल पर न तो इलेक्ट्रॉनिक फेसिंग और न जीपीएस लगाने की व्यवस्था है. श्री पात्र ने कहा कि इस पर अंकुश लगाने के लिये जमीनी स्तर पर सुरक्षात्मक उपाय करने की जरूरत है.
कोयला चोरी से हर साल देश को एक विलियन डॉलर तक के नुकसान का आकलन किया गया है. इधर श्रम संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि रोजाना हजारों साइकिल से कोयले की ढुलायी होती है. एक जगह कोयला एकत्रित कर ट्रक द्वारा बिहार, झारखंड, बंगाल और बनारस तक की मंडी में भेजा जाता है. साइकिल से कोयला ढुलायी कराने के पीछे एक संगठित नेटवर्क है. साइकिल से चोरी चुनौती बनी हुयी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










