लोगों ने खुले मैदान को बनाया कूड़ेदान

Updated at : 19 Jan 2020 1:08 AM (IST)
विज्ञापन
लोगों ने खुले मैदान को बनाया कूड़ेदान

आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 57 में कूड़ेदान की कमी के कारण खुले मैदान को ही लोगों ने कूड़ेदान बना डाला है. पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से सड़कों पर हर वक्त गंदा पानी बह रहा है. साढ़े बारह हजार की आबादी वाले इस वार्ड में 12 सफाई कर्मी हैं. पार्षद […]

विज्ञापन

आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 57 में कूड़ेदान की कमी के कारण खुले मैदान को ही लोगों ने कूड़ेदान बना डाला है. पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने से सड़कों पर हर वक्त गंदा पानी बह रहा है. साढ़े बारह हजार की आबादी वाले इस वार्ड में 12 सफाई कर्मी हैं. पार्षद समित माजी ने कहा कि बोरो सात अंतर्गत यह सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला वार्ड है. छोटादिधारी से लेकर बराचक तक यह फैला है. सीमित संसाधनों में बेहतर सफाई व्यवस्था की जाती है. जमीनी हकीकत में पार्षद का यह दावा सच्चाई से परे है.

आंखों देखी : वार्ड संख्या 57 अंतर्गत बलतोड़िया बिहारीपाड़ा आठ नंबर बस्ती के मुख्य मार्ग के पास स्थित खाली जमीनों को कूड़ेदान के रूप में व्यवहार किया जा रहा है. जिससे वहां फैले कचरे का ढ़ेर पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा हुआ हैं. बिहारीपाड़ा में पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों के घरों का पानी सड़कों पर बह रहा है. जिससे लोगों को सड़कों पर आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

बलतोड़िया बिहारीपाड़ा निवासी राजेश कुमार ने बताया कि इलाके में सफाई का कार्य कभी-कभी ही होता हैं. नाली नहीं होने के कारण घर का पानी सड़क पर बहता है. जिससे राहगीरों को आने-जाने में परेशानी होती हैं. इलाके में कीटनाशक तथा ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं होता है. फॉगिंग मशीन का उपयोग कभी कभार होता है. स्थानीय पार्षद को इस बाबत जानकारी दी गयी. लेकिन गंदगी को लेकर उनका रुख निराशाजनक है.

बलतोड़िया निवासी सुबोध कुमार ने बताया कि नाली नहीं होने के कारण बहुत परेशानी होती हैं. सही निकासी व्यवस्था के अभाव में घर का पानी सड़कों पर बहता है. कूड़ेदान के अभाव और सही सफाई नहीं होने से चारों कर कूड़ा फैला हुआ है. कीटनाशक तथा ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं होता है. फॉगिंग मशीन का उपयोग नहीं होने से मच्छरों का आतंक बढ़ गया है.

बाउरीपाड़ा निवासी विरेन्द्र साव ने बताया कि कूड़ेदान की कमी के कारण लोग कचरा सड़कों पर फेंक कर चले जाते हैं. सफाई नहीं होने से इस कचरे पर आवारा पशुओं का जमावडा लगा ही रहता है. नालियों की सफाई का कार्य नियमित रूप दो से तीन दिनों के अंतर पर होता हैं. लेकिन कीटनाशक का छिड़काव नियमित रूप से नहीं होता है.

क्या कहते हैं पार्षद?

57 नम्बर वार्ड के पार्षद सह बोरो चेयरमैन समित माजी ने कहा कि वार्ड की आबादी साढ़े बारह हजार है. कुल 12 सफाई कर्मी हैं. वार्ड का क्षेत्र काफी बड़ा है, उसकी तुलना में सफाई कर्मी काफी कम है. सीमित संसाधनों से वार्ड के सभी इलाकों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने का प्रयास किया जाता है. ब्लीचिंग पावडर और कीटनाशक का छिड़काव नियमित होता है. जरूरत के आधार पर फॉगिंग मशीन का उपयोग किया जाता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola