एक जनवरी से रेल किराया में बढ़ोतरी को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया
Updated at : 02 Jan 2020 2:13 AM (IST)
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आसनसोल : एक जनवरी से रेल किराया में बढ़ोतरी को लेकर शिल्पांचल में लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया रही. कुछ ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया तो तो कुछ ने यात्री सुविधा में बढ़ोत्तरी के नाम पर इसे मामूली बताया. आसनसोल के गुजराती रिलीफ सोसाइटी के अध्यक्ष जिग्नेश पटेल ने कहा कि रेलवे ने […]
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आसनसोल : एक जनवरी से रेल किराया में बढ़ोतरी को लेकर शिल्पांचल में लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया रही. कुछ ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया तो तो कुछ ने यात्री सुविधा में बढ़ोत्तरी के नाम पर इसे मामूली बताया.
आसनसोल के गुजराती रिलीफ सोसाइटी के अध्यक्ष जिग्नेश पटेल ने कहा कि रेलवे ने यात्री सुविधा में बढ़ोत्तरी के एवज में किराये में मामूली वृद्धि करता है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. स्टेशन और ट्रेनों में यात्री सुविधा के लिए रेलवे दिन-ब-दिन उन्नत होता जा रहा है. जिससे रेल पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है, जिसकी वजह से रेल ने मामूली किराए में वृद्धि करना सही है.
आसनसोल के व्यवसायी अनिल जालान ने कहा रेलवे कई सालों से यात्री किराए में वृद्धि नहीं की थी. 10 साल से भी ज्यादा समय के बाद रेलवे ने किराए में मामूली वृद्धि की है. दिन-ब-दिन खर्चे बढ़ते जा रहे हैं तथा रेल यात्रियों की सुविधा के लिए नए नए कार्य कर रही है. इसके लिए रेलवे ने प्रति किलोमीटर पर दो से चार पैसे का का किराया बढ़ाया है. व्यवसायी वर्ग रेल की इस मामूली किराया वृद्धि का समर्थन करते हैं.
आसनसोल मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य सौमेन चक्रवर्ती ने रेल किराया बढ़ाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों को छठा-सातवां वेतन आयोग के अनुरूप वेतन में बढ़ोत्तरी की जाती है तो किराया बढ़ाया जाना स्वाभाविक है.किराया में मामूली बढ़ोत्तरी से किसी रेल यात्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया आसनसोल सेंटर के चेयरमैन प्रदीप कुमार घटक ने रेल किराया बढ़ाने का विरोध करते हुए इसे देश के आम नागरिकों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि रेल का सर्वाधिक उपयोग देश के आम आदमी करते हैं. इससे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया आसनसोल रीजनल सेंटर की साथी राय ने कहा कि यात्री परिसेवाओं में विस्तार के साथ बेहतर सुविधाओं के लिए रेल किराया को बढ़ाना सही कदम है. किराया बढ़ाने के साथ-साथ सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी होनी चाहिए. साफ बाथरूम, पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए. यात्रियों को ढ़ेर सारी सुविधाएं चाहिये, लेकिन किराया बढ़ाने का विरोध करते हैं. अच्छी परिसेवा के लिए भारतीय रेल को नागरिकों का भी सहयोग अनिवार्य है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट भाष्कर गुप्ता ने कहा कि रेल किराया बढ़ाने से उच्च वर्ग के यात्रिओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. मध्यवर्गीय और निचले वर्ग के यात्रियों पर इसका असर पड़ेगा. यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए किराया बढ़ाने का उन्होंने समर्थन किया. इंडियन मेडिकल एसोशिएसन आसनसोल सेंटर के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अजय सेन ने रेल किराया में बढ़ोतरी का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि पहले से देश महंगाई की मार झेल रहा है, अब रेल किराया बढ़ाने से जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
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