सरकारी दर पर धान नहीं खरीदने पर किसानों ने राइस मिल बंद किया

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पानागढ़ : पूर्व बर्दवान जिले के गलसी कुलगाड़िया स्थित एक राइस मिल से फैल रहे प्रदूषण व सरकारी दर पर स्थानीय कृषकों से धान नहीं खरीदे जाने के मामले के बाद से स्थानीय किसानों ने उक्त राइस मिल में जाकर जम कर हंगामा किया और राइस मिल का उत्पादन बंद कर दिया.

इस घटना के प्रकाश में आने के बाद से राइस मिल मालिक राइस मिल संगठन की ओर से प्रशासन के अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी है. राइस मिल के मालिक का कहना है कि बॉयलर में 150 बस्ता से ज्यादा धान के नष्ट होने की आशंका बढ़ती जा रही है, यदि राइस मिल नहीं चालू की तो सारे धान बायलर में नष्ट हो जायेंगे.

प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर जांच का आदेश दिया गया है. घटना के संबंध में स्थानीय कृषकों का आरोप है कि राइस मिल के उड़ते काले छाई से जहां धान की फसलों का रंग बदल रहा है, जिसके कारण धान बेचने पर आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं राइस मिल का दूषित जल के खेतों में बहने से पैदावार पर भी व्यापक असर पड़ रहा है.

कृषक शेख लालन, शेख इदरीस अली आदि का आरोप है कि राइस मिल का दूषित जल सालों भर खेतों में जाने से खेतों का पैदावार कम हो रहा है. मिट्टी का उर्वरक शक्ति नष्ट हो रहा है. उड़ते राइस मिल के छाई से भी फसलों का रंग बदल जा रहा है. फसलें काली पड़ जा रही हैं. फसलों को बेचने में काफी दिक्कतें आ रही हैं. इसके साथ ही उक्त राइस मिल द्वारा सरकारी दर पर हमारे स्थानीय कृषक भाइयों का धान नहीं खरीदा जा रहा है. टाल बहाना किया जा रहा है.

राइस मिल के मालिक आशीष हाजरा का कहना है कि स्थानीय कुछ कृषक जोर-जबर्दस्ती सरकारी दर पर धान खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं. भय दिखाया जा रहा है. राइस मिल को जबरन बंद कर दी गयी है. दो दिन पूर्व भी जबरन राइस मिल में घुस कर स्थानीय कृषकों ने गाली गलौज की और अभद्र व्यवहार किया. जबरन राइस मिल का उत्पादन बंद कर दिया गया. राइस मिल के मालिक का आरोप है कि बायलर में 150 बस्ता धान पड़ा हुआ है यदि अविलंब उत्पादन चालू नहीं किया तो सारा धान नष्ट हो जायेंगे. इस घटना को लेकर ब्लॉक तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हुई है.

राइस मिल संगठन की ओर से भी मामले को लेकर संबंधित विभाग को जानकारी दी गयी है. जिला खाद्य अधिकारी आबीर अली ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. जल्द ही मामले का निष्पादन किया जायेगा. खाद्य नियामक अधिकारी ने साफ कहा कि राइस मिल को जबरन कृषक सीधे तौर पर सरकारी दर पर धान बेचने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं. कृषकों को धान बेचने की समस्या को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. उनके समस्त धान सरकारी दर पर बिक्री हो जायेंगे.
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