80 हजार के बजाय 64,700 पर बनी सहमति
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Oct 2019 2:06 AM (IST)
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पांच अक्तूबर से कोयला कंपनियां करेंगी अपने कर्मियों को इसका भुगतान तीन सत्रों में आठ घंटों तक चली मैराथन बैठक में सहमत हुए दोनों पक्ष सांकतोड़िया : दुर्गापूजा में कम से कम 80 हजार रुपये का बोनस मिलने की आस लगाए बैठे कोयला कर्मियों को अब 64,700 रुपये से ही संतोष करना पड़ेगा. दिल्ली में […]
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पांच अक्तूबर से कोयला कंपनियां करेंगी अपने कर्मियों को इसका भुगतान
तीन सत्रों में आठ घंटों तक चली मैराथन बैठक में सहमत हुए दोनों पक्ष
सांकतोड़िया : दुर्गापूजा में कम से कम 80 हजार रुपये का बोनस मिलने की आस लगाए बैठे कोयला कर्मियों को अब 64,700 रुपये से ही संतोष करना पड़ेगा. दिल्ली में जेबीसीसीआई की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की आठ घंटे तक चली बैठक में प्रबंधन व श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के साथ लंबी खींचतान चली. प्रबंधन 62,500 रुपये पर अड़ गया. इससे वार्ता एक बार विफल हो गई और श्रमिक नेता बैठक से बाहर निकल गये. दोबारा बैठक होने पर प्रबंधन ने 2,200 रुपये का इजाफा किया.
इसीएल के 58 हजार कर्मियों समेत सीआइएल के 2.70 लाख कर्मियों को बोनस मिलेगा. ईसीएल समेत कोल इंडिया की अन्य अनुषांगिक कंपनी में कार्यरत कर्मियों के बोनस का निर्धारण के लिए मंगलवार को दिल्ली में बैठक हुई. दुर्गापूजा के पहले कोलकर्मियों को बोनस को भुगतान किया जाता है, इसलिए सीआइएल चेयरमैन एके झा की उपस्थिति में हुई बैठक में प्रबंधन ने पिछले वर्ष के प्रॉफिट को यूनियन प्रतिनिधियों के समक्ष रखा. प्रबंधन ने पिछले वर्ष की बोनस राशि 60,500 रुपये पुनः देने का प्रस्ताव रखा. इस पर श्रमिक संघ प्रतिनिधि अड़ गए. यूनियन प्रतिनिधि 80 हजार रुपये देने की मांग कर रहे थे.
प्रबंधन के रवैये के कारण वार्ता एक बार विफल हो गई और श्रमिक संघ प्रतिनिधि बाहर निकल गये. इस दौरान प्रबंधन ने बढ़ोतरी कर 62500 रुपये देने का प्रस्ताव रख दिया था. बाद में प्रबंधन ने इस राशि में बढ़ोतरी करते हुए 63 हजार रुपये देने पर सहमति जताई, फिर बाद में 64 हजार रुपये देने प्रबंधन ने कहा. आखिरकार बाद में प्रबंधन व श्रमिक संघ प्रतिनिधियों के मध्य 64700 रुपये बोनस पर सहमति बन गई.
बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन एके झा, कार्मिक निदेशक, सभी कंपनियों के सीएमडी, कार्मिक निदेशक, वित्त निदेशक यूनियन प्रतिनिधि के रूप में एचएमएस से नाथूलाल पांडेय , एसके पांडये, एटक के रमेंद्र कुमार, आरसी सिंह, बीएमएस से डॉ. बीके राय, सीटू से डीडी रामानंदन आदि उपस्थित थे. कोयला कंपनी को वित्तीय वर्ष 2018-19 में शुद्ध लाभ में 148 फीसदी वृद्धि के साथ 17462.18 करोड़ का प्रॉफिट हुआ है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में 7003.44 करोड रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था. इसके पहले कंपनी को वर्ष 2016-17 में प्रॉफिट बिफोर टैक्स (पीबीटी) 14433.71 रुपये हुआ था, जबकि टैक्स जमा करने के बाद 9347.98 करोड़ रह गया.
बीएमएस के डॉ बीके राय ने कहा कि कोयलाकर्मियों को बोनस पर लंबी जद्दोजहद के बाद सहमति बनीं है. प्रबंधन ने मुश्किल से राशि में बढ़ोतरी करते हुए 64700 रुपए पर सहमति जताई. बोनस का भुगतान पांच अक्तूबर तक कर दिया जायेगा. रेलवे, बाल्को के बाद कोयलाकर्मियों के बोनस का भी निर्धारण हो गया. एनटीपीसी व विद्युत कंपनी समेत अन्य उपक्रम में बोनस निर्धारिण नहीं हो सका है. एनटीपीसीकर्मियों के बोनस को लेकर जल्द ही बैठक की जायेगी. विद्युत कंपनी में प्रबंधन ने एकतरफा निर्णय लेते हुए शासन से निर्धारित राशि बोनस के रूप में प्रदान करती है.
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