दुकानदार कैरी बैग के नाम पर ले पैसे, तो उपभोक्ता फोरम में ग्राहक करें शिकायत

Published at :22 Apr 2019 3:31 AM (IST)
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दुकानदार कैरी बैग के नाम पर ले पैसे, तो उपभोक्ता फोरम में ग्राहक करें शिकायत

आसनसोल : आप अगर किसी मॉल, दुकान या शोरुम से कुछ सामान खरीद रहे हैं और प्रतिष्ठान आपसे सामान ले जाने के लिए कैरी बैग देने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांग रहा है, तो यह समझ ले कि आप ठगे जा रहे हैं. आपके साथ बेइमानी हो रही है. बतौर उपभोक्ता आपके अधिकारों का […]

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आसनसोल : आप अगर किसी मॉल, दुकान या शोरुम से कुछ सामान खरीद रहे हैं और प्रतिष्ठान आपसे सामान ले जाने के लिए कैरी बैग देने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांग रहा है, तो यह समझ ले कि आप ठगे जा रहे हैं.

आपके साथ बेइमानी हो रही है. बतौर उपभोक्ता आपके अधिकारों का हनन हो रहा है. शहर में कई ब्रांडेड और नन ब्रांडेड शोरुम खासकर विभिन्न मॉल में यह होता है.
ऐसे में बहुत जरूरी है कि इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ बतौर उपभोक्ता फोरम में इसकी शिकायत दर्ज करायी जाये. हाल ही में चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने इस तरह की दर्ज शिकायत में फैसला देकर सभी को आईना दिखाया है.
फोरम ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ता से कैरी बैग देने के नाम पर पैसे नहीं लिये जा सकते हैं. ग्राहक को कैरी बैग नि:शुल्क देना है, यह प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है. फोरम ने उक्त प्रतिष्ठान के खिलाफ जुर्माना भी लगाया है.
ऐसे दर्ज करा सकते हैं शिकायत
आसनसोल में स्थित जिला उपभोक्ता फोरम में इस तरह की शिकायत दर्ज की जा सकती है, यहां पूरे मामले की सुनवाई होगी. ध्यान इस बात का रखना है कि शिकायतकर्त्ता ग्राहक के पास प्रतिष्ठान के खिलाफ पर्याप्त सबूत जरूर हों. जिसके लिए जरूरी है कि हर सामान का बिल जरूर लें.
अगर कोई प्रतिष्ठान कैरी बैग देने के नाम पर पैसे मांगे और उसे बिल में न जोड़े, तो भी वहां से निकल कर जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करायें, एक ग्राहक के तौर पर अपने अधिकारों के प्रति जानकारी जरूरी होनी चाहिए.
क्या है चंडीगढ़ का मामला
चंडीगढ़ में एक दंपती जूता खरीदने के लिए एक बड़े ब्रांड के शोरुम में गया. वहां जूते खरीदने के बाद उन्हें 402 रुपये का बिल दिया गया. काउंटर पर बैठे कैशियर ने पैसे लेकर ग्राहक को एक कैरी बैग में भर कर जूते दे दिये., इस कैरी बैग पर शोरूम ब्रांड का स्टीकर लगा था.
ग्राहक ने पैसे देकर कैरी बैग लेने से इंकार कर दिया. लेकिन उन्हें कैरी बैग लेने के लिए फोर्स किया गया. ग्राहक इस मामले पर वहां के जिला उपभोक्ता फोरम में पहुंचे.
उन्होंने शिकायत दर्ज करायी कि शोरुम ने एक तो कैरी बैग देने के नाम पर उनसे अतिरिक्त पैसे लिये. दूसरा उस थैले का उपयोग शोरुम अपने प्रोडक्ट के प्रचार के लिए कर रहा है. जिस पर ब्रांड का स्टीकर लगा है. ग्राहक ने कहा कि वह पैसे देकर उस ब्रांड का प्रचार क्यों करेगा?
मामले की जब सुनवाई शुरु हुई, तो शोरुम मालिक ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य वे कागज के कैरी बैग का उपयोग करते है और इसी के एवज में उपभोक्ता से अतिरिक्त तीन रुपये लिये गये. फोरम ने शोरुम की इस दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पर्यावरण के प्रति वे अगर इतने गंभीर है, तो उन्हें तो कैरी बैग नि:शुल्क देना चाहिए.
चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अपने ग्राहक को नि:शुल्क कैरी बैग उपलब्ध कराना हर प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है. अगर वह कैरी बैग के नाम पर पैसे ले रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वे गलत तरीके से व्यापार कर रहे है. फोरम ने शोरुम मालिक को कैरी बैग के नाम पर लिये गये अतिरिक्त तीन रुपये लौटाने का निर्देश दिया.
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ग्राहक को हुई परेशानी की वजह से तीन हजार कंपनशेसन के तौर पर देने का निर्देश दिया. इन सब के अलावा भी कुछ और रुपये फाइन के तौर पर उक्त शोरुम मालिक को देने पड़े.
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