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आसनसोल : दो दिवसीय आम हड़ताल की बनी रणनीति

Updated at : 28 Dec 2018 1:26 AM (IST)
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आसनसोल :  दो दिवसीय आम हड़ताल की बनी रणनीति

आसनसोल : केंद्र सरकार की श्रमिक और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी आठ और नौ जनवरी को 172 श्रमिक संगठनों द्वारा बुलायी गयी आम हड़ताल को पश्चिम बर्दवान जिला में सफल बनाने की रणनीति को लेकर गुरुवार को होटल इन में गुरूवार को विभिन्न श्रमिक एवं जन संगठनों की संयुक्त बैठक हुयी. सीएमएस (एटक) के […]

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आसनसोल : केंद्र सरकार की श्रमिक और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी आठ और नौ जनवरी को 172 श्रमिक संगठनों द्वारा बुलायी गयी आम हड़ताल को पश्चिम बर्दवान जिला में सफल बनाने की रणनीति को लेकर गुरुवार को होटल इन में गुरूवार को विभिन्न श्रमिक एवं जन संगठनों की संयुक्त बैठक हुयी.
सीएमएस (एटक) के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह, सीटू के जिला सचिव सह पूर्व सांसद वंशगोपाल चौधरी, सीटू के जिला अध्यक्ष दिव्येन्दु चक्रबर्ती, इंटक के जिला अध्यक्ष विकास घटक, कोलियरी मजदूर यूनियन (सीएमयू, इंटक) के महामंत्री चंड़ी चटर्जी, टीयूसीसी के जिला सचिव भवानी आचार्या, आयरन स्टील एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (एचएमएस) के अध्यक्ष मुमताज अहमद, यूनाइटेड आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (एटक) के आरएन सिंह आदि उपस्थित थे .
बैठक में निर्णय लिया गया हड़ताल को सफल बनाने के लिए छात्र, युवा, किसान, महिला सहित सभी जनसंगठनों को इसके प्रचार को लेकर आम जनता से जुड़ना होगा और उन्हें गोलबंद करना होगा.
हड़ताल के प्रचार के लिए नुक्कड़ नाटक, संगीत स्क्वायड की सक्रियता बढ़ाने, रैली निकालने, सभा, स्ट्रीट कार्नर का लगातार आयोजन कर जनता को इस बंदी के उद्देश्यों से अवगत कराना होगा, ताकि जनता खुलकर इस बंदी का समर्थन करें. दो जनवरी को इस मुद्दे को लेकर संयुक्त रूप से यूनियनों द्वारा होटल इन में पत्रकार सम्मेलन करने पर सहमति बनी.
पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि बेतहाशा मूल्यवृद्धि को नियंत्रित करने, नित्य जरूरी की सामानों का आयात बन्द करने, रोजगार सृजन को लेकर सुनियोजित परियोजना तैयार कर बेकारी दूर करने, सभी मौलिक श्रम कानून को लागू करना, श्रम कानून की उपेक्षा करने वालों को कठोर सजा देने, श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपया करने, सभी श्रमजीवी श्रमिकों के अवकाश ग्रहण के बाद न्यूनतम छह हजार रुपया पेंशन देने, स्थायी कार्य मे ठेकेदारी प्रथा बन्द करने, समान कार्य का समान मजदूरी सहित सभी सुविधा देने, बोनस, प्रोविडेंड फंड, ग्रेच्यूटी में सीलिंग को वापस लेना, आवेदन के 45 दिन के अंदर ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना, आईएलओ कन्वेंशन संख्या 87 व 98 की स्वीकृति तत्काल देना, श्रमिक हित में विरोधी श्रम कानून का संशोधन बंद करना और रेलवे, बीमा तथा रक्षा के क्षेत्र में विदेशी विनिवेश बंद करने की मांग को लेकर सभी राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने आठ व नौ जनवरी को आम हड़ताल की घोषणा की है.
जिसे सफल बनाने के लिए छात्र, युवा, श्रमिक, महिला सभी को गोलबंद करना होगा. रूढ़ ऑफ बंगाल माने जाने वाले आसनसोल और दुर्गापुर क्षेत्र को केंद्र सरकार ने श्मशान में तब्दील कर दिया है. एचसीएल, बर्न स्टैंडर्ड, रानीगंज बर्न्स फैक्ट्री आदि बंद हो गई हैं. जिससे इलाका रुग्ण हो गया है. इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए सभी को एकजुट होकर इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल करना होगा.
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