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आइएसपी में सक्रिय ट्रेड यूनियनों का खुला संयुक्त सम्मेलन आयोजित, आठ-नौ जनवरी को होगी आम हड़ताल

Updated at : 23 Nov 2018 4:40 AM (IST)
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आइएसपी में सक्रिय ट्रेड यूनियनों का खुला संयुक्त सम्मेलन आयोजित, आठ-नौ जनवरी को होगी आम हड़ताल

आसनसोल :पूर्व सांसद सह कोलियरी मजदूर यूनियन (एटक) के महासचिव आरसी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुयी है. बेतहाशा मूल्यवृद्धि, सरकारी उद्योगों को बंद करने, बेरोजगारी बढ़ने, किसानों की हालत अत्यंत दयनीय होने की जिम्मेदार केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार है. आम जनता त्रस्त है. जाति और धर्म […]

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आसनसोल :पूर्व सांसद सह कोलियरी मजदूर यूनियन (एटक) के महासचिव आरसी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुयी है. बेतहाशा मूल्यवृद्धि, सरकारी उद्योगों को बंद करने, बेरोजगारी बढ़ने, किसानों की हालत अत्यंत दयनीय होने की जिम्मेदार केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार है. आम जनता त्रस्त है.
जाति और धर्म के नाम पर देश को टुकड़ों में बांटने की राजनीति भाजपा कर रही है. जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भोगना पड़ रहा है. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकना है. इसके लिए आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर गोलबंद होना होगा.
वे गुरुवार को बीएनआर मोड़ पर आइएसपी में सक्रिय श्रमिक संगठनों के खुले संयुक्त सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. सम्मेलन में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन के तहत सर्वसम्मति से आठ व नौ जनवरी, 2019 को आम हड़ताल के प्रस्ताव का समर्थन किया गया. पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सह सीटू के राज्य सचिव अनादि साहू, पूर्व सांसद सह सीटू के जिला सचिव वंशगोपाल चौधरी, टीयूसीसी के जिला सचिव भवानी आचार्य, यूटीयूसी के जिला सचिव आशीष दास, पश्चिम बंगाल खान मजदूर संघ (यूटीयूसी) के सांगठनिक सचिव शुभाशीष सिन्हा, आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के महासचिव हरजीत सिंह, माकपा के जिला सचिव गौरांग चटर्जी, माकपा जिला कमेटी सदस्य पार्थो मुखर्जी आदि उपस्थित थे.
बेतहासा मूल्यवृद्धि को नियंत्रित करने, नित्य जरूरी की सामानों का आयात बन्द करने, रोजगार सृजन को लेकर सुनियोजित परियोजना तैयार कर बेरोजगारी दूर करना, सभी मौलिक श्रम कानून को लागू करना, श्रम कानून की उपेक्षा करने वालों को कठोर सजा देने, श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपया करने, सभी श्रमजीवी श्रमिकों के अवकाश ग्रहण के बाद न्यूनतम छह हजार रुपया पेंशन देने, स्थायी कार्य मे ठेकेदारी प्रथा बन्द करने, समान कार्य का समान मजदूरी सहित सभी सुविधा देना, बोनस, प्रोविडेंड फंड, ग्रेच्यूएटी में सीलिंग को वापस लेना, आवेदन के 45 दिन के अंदर ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना, आईएलओ कन्वेंशन संख्या 87 व 98 की स्वीकृति तत्काल देना, श्रमिक हित मे विरोधी श्रम कानून का संसोधन बंद करना और रेलवे, बीमा तथा रक्षा के क्षेत्र में विदेशी विनिवेश बंद करने की मांग को लेकर संयुक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया.
पूर्व मंत्री सह सीटू के राज्य सचिव श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आठ और नौ जनवरी को भारत बंद का निर्णय लिया गया है. जिसे सफल बनाने के लिए छात्र, युवा, श्रमिक, महिला सभी को गोलबंद करना होगा. आसनसोल और दुर्गपुर क्षेत्र को केंद्र सरकार ने श्मशान में तब्दील कर दिया है. एचसीएल, बर्न स्टैंडर्ड, रानीगंज बर्न्स फैक्ट्री आदि बंद हैं. यूटीयूसी के जिला सचिव श्री दास ने कहा कि पिछले चार वर्षों में भाजपा सरकार ने सिर्फ लोगों को छला है.
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