राजस्व बढ़ाने के लिए जिलाशासक ने की उच्चस्तरीय बैठक, एडीडीए शीघ्र करे अपनी जमीन की मालगुजारी का भुगतान

Updated at : 21 Nov 2018 2:19 AM (IST)
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राजस्व बढ़ाने के लिए जिलाशासक ने की उच्चस्तरीय बैठक, एडीडीए शीघ्र करे अपनी जमीन की मालगुजारी का भुगतान

आसनसोल : स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल), इस्को स्टील प्लांट (आइएसपी) दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी), दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीपीएल) और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) के अधिकारियों के साथ जमीन के मुद्दे पर जिलाशासक शशांक सेठी ने मंगलवार को अड्डा भवन में उच्चस्तरीय बैठक की. जिसमें निर्णय लिया गया कि सभी कंपनियों तथा प्राधिकार को […]

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आसनसोल : स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल), इस्को स्टील प्लांट (आइएसपी) दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी), दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीपीएल) और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) के अधिकारियों के साथ जमीन के मुद्दे पर जिलाशासक शशांक सेठी ने मंगलवार को अड्डा भवन में उच्चस्तरीय बैठक की. जिसमें निर्णय लिया गया कि सभी कंपनियों तथा प्राधिकार को एलआर एक्ट के आधार पर जमीन की मालगुजारी (खजाना) जमा देनी होगी.
जो भी जमीन संस्थाओं के नाम पर अब तक बंदोबस्त (म्यूटेशन) नहीं हुई है, उनका म्यूटेशन जल्द से जल्द किया जाये. इस निर्णय से अड्डा से जिला प्रशासन को बड़ी रकम मिलेगी. अब तक एडीडीए कुल 1,020 एकड़ जमीन की मालगुजारी नहीं दिया है. बैठक में अतिरिक्त जिलाशासक सह डीएलएंडएलआरओ खुर्शिद अली कादरी, एडीडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीइओ) अरुण प्रसाद, एसडीएलएंडएलआरओ, सभी प्रखण्ड के बीएलएंडएलआरओ, सेल आईएसपी, डीपीएल, डीएसपी के अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में जिलाशासक श्री सेठी ने भूमि विभाग के राजस्व को बढ़ाने के लिए विशेष बल देते हुए कहा कि जो भी संस्थाएं जमीन का कर नहीं भुगतान कर रही है. लम्बे समय से जिनका कर बकाया है, सभी को कर का भुगतान इस आर्थिक वर्ष में करना होगा. एडीडीए की काफी जमीन है, जिसका वह अधिग्रहण कर चुका है. लेकिन उसका म्यूटेशन नहीं कराया गया है.
सभी जमीन का जल्द से जल्द म्यूटेशन कराना होगा. डीपीएल की जमीन को लेकर अड्डा के साथ कुछ विवाद . इसके समाधान के लिए जिलाशासक ने श्री कादरी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया. कमेटी को जल्द से जल्द समस्या को सुलझाने का रिपोर्ट जमा करने को कहा गया. सेल आईएसपी की जमीन की मालगुजारी काफी बकाया है.
भुगतान जल्द से जल्द करने को कहा गया और जितनी जमीन का म्यूटेशन व कनवर्सन नहीं हुआ है, उसे जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर अधिकारियों को दिशानिर्देश दिया गया. डीएसपी के अधिकारियों को भी यही निर्देश मिला.
अड्डा की कुल जमीन 1020 एकड़
अड्डा की दो जगहों पर मुख्य रूप से जमीन है. मंगलपुर में सात सौ एकड़ और केएसटीपी में 320 एकड़ जमीन है. मंगलपुर की जमीन राज्य की हाउसिंग विभाग ने अधिग्रहण की थी. हाईपावर कमेटी की अनुशंसा पर यह जमीन एडीडीए को ट्रांसफर की गई. इसके एवज में एडीडीए ने हाउसिंग विभाग को राशि का भुगतान किया था. केएसटीपी इलाके में 320 एकड़ जमीन सरकारी खास जमीन थी.
जिसे एडीडीए को लीज आउट पर दिया गया. इसके लिए भी एडीडीए ने राशि का भुगतान किया. मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र होने और केएसटीपी आवासीय व वाणिज्यिक इलाका के रूप में विकसित हुआ. यहां से भूमि विभाग को जमीन का कोई कर नहीं मिलता है. जिलाशासक ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया. अड्डा प्रबंधन के अनुसार भूमि विभाग ने कभी मालगुजारी का क्लेम ही नहीं किया तो किस आधार पर किसे मालगुजारी की राशि दी जाये? भूमि विभाग क्लेम करेगा तो राशि दी जायेगी.
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