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गेहूं धोने, सुखाने के साथ गूंजे छठ गीत, खरना आज, प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे निर्जला उपवास करेंगी छठव्रती

Updated at : 12 Nov 2018 4:01 AM (IST)
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गेहूं धोने, सुखाने के साथ गूंजे छठ गीत, खरना आज, प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे निर्जला उपवास करेंगी छठव्रती

दुर्गापुर : दुर्गापुर में लोकआस्था का महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया. इस अवसर पर चावल के साथ कद्दू की सब्जी व चने की दाल का भोजन छठव्रतियों ने ग्रहण किया. छठव्रती सोमवार की रात खरना का प्रसाद (रोटी, गुड़ की खीर) ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का […]

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दुर्गापुर : दुर्गापुर में लोकआस्था का महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया. इस अवसर पर चावल के साथ कद्दू की सब्जी व चने की दाल का भोजन छठव्रतियों ने ग्रहण किया. छठव्रती सोमवार की रात खरना का प्रसाद (रोटी, गुड़ की खीर) ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास रखेंगी.
इसके लिये छठव्रतियों ने साफ-सफाई कर गेहूं सुखाया. इसे पिसवाकर इससे खरना की रोटी तथा अगले दिन महाप्रसाद ठेकुआ बनेगा. मंगलवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य और बुधवार को उदयीमान भगवान सूर्य को दूसरा अर्ध्य देने के साथ ही छठ पूजा संपन्न हो जायेगी. छठ को लेकर हर तरफ हर तरफ छठ गीतों की धूम मची हुई है.
इससे माहौल भक्तिमय हो गया है. घरों में भी महिलाओं द्वारा गाये जा रहे छठ व्रत के पारंपरिक गीत लोगों के मन को छू रहे हैं. छठ गीत पारंपरिक, कर्णप्रिय गीत लोगों को बरबस छठ के प्रति आस्था को जगा दे रहे हैं. छठ व्रत को लेकर महिला छठ व्रतियों द्वारा गेहूं धोने व सुखाने का काम शुरू कर दिया गया है. छठ व्रत की शुद्धता व पवित्रता को देखते हुए गेहूं धोने व सूखाने का काफी महत्व होता है. इसमें महिलाएं हमेशा पवित्रता का ध्यान रखती हैं तथा जहां गेहूं सुखाया जाता है.
बांकुड़ा में व्रतियों ने गीत गाकर खुद सुखाया गेहूं
बांकुड़ा. जिले में चार दिनों का लोकआस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ शुरू हो गया. पहले दिन व्रतियों ने गंगा स्नान कर गेहूं धोया. इससे छठ पूजा का प्रसाद ठेकुआ बनाया जायेगा. इसे धोकर सुखाया गया और सोमवार को इसे पिसवाया जायेगा. रविवार को व्रतियों ने छठ का पहला प्रसाद कद्दू भात बनाया. शुद्ध घी में कद्दू की सब्जी, चने की दाल और अरवा चावल का भात बनाकर व्रतियों ने प्रसाद खाया. बांकुड़ा शहर के गंधेश्वरी नदी से संलग्न केसियाकोल में रहने वाले बिहारी समुदाय के लोगों में छठ पूजा की तैयारी को लेकर भारी उत्साह दिखा.
महिलाओं ने छठ के गीत गाकर छत पर गेहूं सुखाया.
यादव परिवार की अमीरका यादव, रामराजी यादव, बेबी यादव एवं फुलदा यादव ने बताया कि परिवार के लोग साथ मिलकर गेंहू सुखाने का काम करते हैं. इसे पिसवाकर छठ का प्रमुख प्रसाद ठेकुआ बनाया जाता है. आज से चार दिवसीय छठ पूजा शुरू हो गई. जयकिशन यादव, अमरजीत यादव ने बताया कि गंधेश्वरी नदी के घाट पर अर्घ्य दिया जाता है. उन्होंने बताया कि सोमवार को खरना है.
व्रती रात में रोटी, गुड़ की खीर बनायेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे. मंगलवार को दिनभर निर्जला व्रत के बाद डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा. अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महापर्व की समाप्ति होगी.
घाटों का नि:शुल्क वितरण शुरू
दुर्गापुर. दुर्गापुर के कुमार मंगलम पार्क, बेनाचिति स्थित धर्मा तालाब, धंधाबाग तालाब, सुकांतो पल्ली तालाब, सेकेंडरी तालाब, ट्रंक रोड-होस्टल स्थित शिवमंदिर तालाब आदि जगहों पर छठ पूजा का आयोजन होता है. झारखंड, बिहार, ओडिसा, उत्तरप्रदेश के लोंगो के अलावा बंगाली, पंजाबी, गुजराती, मुसलमान और मारवाड़ी समुदाय के लोग भी कुमार मंगलम पार्क और धर्मा तालाब सहित अन्य छठ घाटों में पूजा करते हैं.
दुर्गापुर इस्पात नगरी महाछठ सेवा समिति ने रविवार को ट्रंक रोड स्थित हनुमान मंदिर में घाट वितरण का कार्य शुरू कर दिया. रविवार की सुबह से लेकर शाम तक तकरीबन 400 घाटों का वितरण किया गया. सेवा समिति के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि घाटों के वितरण के साथ-साथ पार्क परिसर में पूजा की तैयारी पूरे ज़ोर-शोर के साथ की जा रही है.
पार्क के घाटों में बांस के बैरिकेड लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है. लाइटिंग की व्यवस्था भी कर ली गई है. उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार पूजा की तैयारी की जा रही है. व्रतियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है. एक दान पेटी रखी गई है. लोग खुशी से सहयोग राशि डाल रहे है. कुछ लोग समिति पर गुप्त दान लेने का आरोप लगा रहे हैं, यह सरासर गलत है.
नपा वाइस चेयरमैन ने छठ घाट का किया निरीक्षण
बांकुड़ा. बांकुड़ा नगरपालिका के वाइस चैयरमैन दिलीप अग्रवाल ने रविवार को गंधेश्वरी छठ घाट का निरीक्षण किया. श्री अग्रवाल ने कहा कि छठ पूजा पर गंधेश्वरी नदी घाट पर साफ-सफाई की जा रही है. पूजा के लिये छठ घाट पर उपयुक्त व्यवस्था की जा रही है. घाट को लाइटों से सजाया जायेगा. महिलाओं के ड्रेस चेंज के लिये एक साथ घाट पर अर्घ्य देने की व्यवस्था की जा रही है.
केसियाकोल, बिकना से लेकर, दोलतला, सतीघाट, कुचकुचिया, केरानीबांध, लालबाजार, बीस नम्बर वार्ड, पाठकपाड़ा इत्यादि जगहों से छठ व्रती पहुंचते हैं. शहर के अन्य घाटों पर भी नगरपालिका की तरफ से साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है. गोपाल साहनी, प्रदीप साहनी, महादेव साहनी, राजू साहनी, गाजू साहनी, सुनील साहनी, शंकर साहनी, अमरजीत यादव, दुर्गाप्रसाद पोद्दार, छोटन बागदी, राजू माजूरी, मदन शर्मा पूजा की तैयारियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
पानागढ़ में छठ पूजा को लेकर जोरदार तैयारी
पानागढ़. पश्चिम बर्दवान जिले के पानागढ़ बाजार रेलवे स्टेशन तालाब पर छठ पूजा को लेकर हिंदी सांस्कृतिक परिषद युद्धस्तर पर तैयारी कर रहा है. विशाल पंडाल बनाया जा रहा है. कांकसा ग्राम पंचायत ने घाटों की साफ-सफाई का कार्य पूरा कर लिया है. हिंदी सांस्कृतिक परिषद के सदस्यों ने बताया कि छठ पूजा के मद्देनजर तैयारी जोर शोर से की जा रही है.
छठ घाट के पास रेल लाइन होने को लेकर आरपीएफ को सूचना दे दी गई है. इस बाबत कांकसा थाना की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वासन मिल गया है. छठ घाट पर संस्था के सदस्यों को विशेष निगरानी के लिये तैयार किया जा रहा है. कांकसा थाना पुलिस तथा सिविक पुलिस भी छठ पूजा के दौरान मुस्तैद रहेगी.
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