स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर के जरिये पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे

Updated at : 04 Oct 2018 2:35 AM (IST)
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स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर के जरिये पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे

दुर्गापुर : राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे. बच्चों को स्कूली शिक्षक ही प्रोजेक्टर के जरिये स्कूल में पढ़ायेंगे. साथ ही बच्चे स्कूल में कंप्यूटर में ई-लर्निंग और डिजिटल बुक से पढ़ाई कर स्मार्ट बन सकेंगे. सभी हाई और प्लस टू स्कूलों में इसे सुनिश्चित […]

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दुर्गापुर : राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे. बच्चों को स्कूली शिक्षक ही प्रोजेक्टर के जरिये स्कूल में पढ़ायेंगे. साथ ही बच्चे स्कूल में कंप्यूटर में ई-लर्निंग और डिजिटल बुक से पढ़ाई कर स्मार्ट बन सकेंगे. सभी हाई और प्लस टू स्कूलों में इसे सुनिश्चित किया जायेगा और उसके बाद मिडिल और प्राथमिक विद्यालयों में पूरी तरह से लागू होगा.
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग इसे कड़ाई से लागू करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए विभाग की ओर से दुर्गापुर महकमा अंतर्गत आठ स्कूलों के शिक्षको को ट्रेनिंग दी जा रही है. शहर के बेनाचिती भारतीय हिन्दी हाई स्कूल मे बीते शुक्रवार से इसके मद्देनजर ट्रेनिंग दी जा रही है. आठ स्कूलों के तकरीबन 110 शिक्षकों को दो फेजों मे बांट कर ट्रेनिंग दी जा रही है.
हालांकि राज्य में कुछ जिलों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास से जरिये पढ़ाई हो रही है. लेकिन यह पूरी तरह से लागू नहीं हो सका है. इसके लिये शिक्षकों को पहले भी राज्य सरकार की ओर से ट्रेनिंग दी गयी थी और नये सिरे से सभी शिक्षकों की चरणवार ट्रेनिंग होगी. स्कूलों में बच्चे कंप्यूटर लैब में डिजिटल बुक पढ़ सकेंगे. साथ ही विषयों में नई-नई तकनीक की जानकारी भी ले सकेंगे. साथ ही किसी चीज को वीडियो, फोटो और स्कैच के जरिये भी जान सकेंगे.
सरकार उपलब्ध करा रही है संसाधन
स्मार्ट क्लास के लिए कंप्यूटर लैब, वाईफाई, प्रोजेक्टर समेत अन्य संसाधन भी सरकार उपलब्ध करायेगी. इसमें बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ सकेंगे. कोर्स समेत अन्य आवश्यक किताबें डिजिटल रूप में अपलोड रहेंगे, जिसे वे क्लिक कर पढ़ सकेंगे. शिक्षकों को इसके लिए जिला स्तर पर ट्रेनिंग भी करायी जायेगी.
हिन्दी में सामग्री नहीं होने से हो रही है असुविधा
स्मार्ट क्लास के बाबत नेताजी हिन्दी हाईस्कूल के प्रधान शिक्षक सुधीर सुमन ने बताया कि उनके स्कूल में पहले से ही स्मार्ट क्लास चलाया जा रहा है. कक्षा सात से लेकर दस तक के बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से इंग्लिश और विज्ञान पढ़ाया जा रहा है. लेकिन स्मार्ट क्लास के लिएहिन्दी में सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण असुविधा होती है जबकि बंगाल और अंग्रेजी में सामग्री उपलब्ध है.
इसके लिए विभाग को अवगत करा दिया गया है. सामग्री की कमी के कारण हिन्दी स्कूल के शिक्षकों का झुकाव इस ओर कम देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास से बच्चों को काफी फायदा मिलेगा.
क्या है स्मार्ट क्लास
स्मार्ट क्लास में शिक्षक बिना चॉक-ब्लैक बोर्ड और बच्चे बिना पेन-पेंसिल के पढ़ाई कर सकेंगे. बच्चे रिमोट के जरिये इसका संचालन कर सकेंगे. बच्चे क्लास के साथ-साथ कंप्टूयर लैब में नई तकनीकों से अवगत होंगे. आपको बता दें कि स्मार्ट क्लास में पढ़ाई ब्लैक बोर्ड पर नहीं बल्कि प्रोजेक्टर पर होती है. स्मार्ट क्लास में डिजिटल तकनीक से बच्चों को पढ़ाया जाता है.
देश के कई स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जा रहा है. बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ने में दिलचस्पी दिखाते हैं. ऐसे में इसे विकासशील देश में शिक्षा की नई तस्वीर कहा जा सकता है. पढ़ाई का ये नया तरीका दिलचस्प और आसान है, लेकिन थोड़ा महंगा भी है.
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