बसों के स्टैंड से गायब होने से यात्री भटकते रहे इधर-उधर विकल्प के लिए

Updated at : 08 Aug 2018 12:06 AM (IST)
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बसों के स्टैंड से गायब होने से यात्री भटकते रहे इधर-उधर विकल्प के लिए

आसनसोल : केंद्र सरकार के मोटर वेहिकल एक्ट में संशोधन एवं रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल 2014 के लागू किये जाने के प्रतिवाद में विभिन्न श्रम संगठनों के आह्वान पर बुधवार को देशव्यापी बस हड़ताल में आसनसोल मिनी बस एवं बड़ी बस के कर्मी भी शामिल हुए. आसनसोल के 120 रूटों पर चलने वाली 450 […]

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आसनसोल : केंद्र सरकार के मोटर वेहिकल एक्ट में संशोधन एवं रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल 2014 के लागू किये जाने के प्रतिवाद में विभिन्न श्रम संगठनों के आह्वान पर बुधवार को देशव्यापी बस हड़ताल में आसनसोल मिनी बस एवं बड़ी बस के कर्मी भी शामिल हुए. आसनसोल के 120 रूटों पर चलने वाली 450 मिनी बसें एवं दूरगामी रूटों पर चलने वाले 260 बड़ी बसों का परिचालन बुधवार को बंद रहा.
बंद के समर्थन में बस चालकों ने मंगलवार की सुबह आसनसोल सिटी बस स्टैंड परिसर में बैठक कर देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का नारा दिया और बसों का परिचालन बंद रखा. हडताल को आइएनटीयूसी, सीटू, एटक, यूटीयूसी, एआइसीसीटीयू आदि श्रम संगठनों ने भी समर्थन दिया.
आसनसोल सब डिवीजन बस वर्कर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष संजय सेनगुप्ता ने कहा कि अगर बिल लागू हो गया तो पूरा ट्रांसपोर्ट उद्योग प्रभावित होगा. बिल के विरोध में आइएनटीयूसी के अध्यक्ष जी संजीव रेड्डी ने वर्ष 2014 में तत्कालिन रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाईवे मंत्री नितीन गडकरी को पत्र लिखकर इस पर पुन: विचार करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा कि आसनसोल बड़ी बस स्टैंड से दूरगामी रूटों बांकुडा, बिरभूम, सिउडी, मुर्शिदाबाद, पांडेश्वर, बोलपुर की रूटों पर चलने वाली सभी बसें सुबह से बंद रहीं.
आसनसोल मिनी बस एसोसिएशन के महासचिव सुदीप रॉय ने कहा कि बस कर्मियों ने ट्रांसपोर्ट बिल लागू किये जाने के प्रतिवाद में बुधवार को हडताल की. उन्होंने कहा कि डिवीजन के सैकडों रूटों पर चलने वाले 450 मिनी बसें सुबह से बंद हैं. इससे बस मालिकों को करोडों रूपये हानि का अनुमान है.
बस चालकों ने कहा कि नया बिल लागू होने से बस मालिकों को बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पडेगा. कोई भी दुर्घटना जानबुझकर नहीं की जाती है. सरकार को बिल लागू करने से पहले एक बार सभी संगठनों से बैठक कर उचित निर्णय लिया जाना चाहिए.
क्या प्रावधान है इस कानून में
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल 2014 के लागू होने से किसी बच्चे की बस दुर्घटना में मौत की स्थिति में मालिक को सात लाख रूपये जुर्माना और सात साल की सजा, व्यस्क की दुर्घटना होने पर एक लाख जुर्माना और चार साल की सजा, ट्रॉफिक सिग्नल का उल्लंघन करने पर पहले बार पांच हजार रूपये, दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार, तीसरी बार में 15 हजार जुर्माना और एक माह तक के लिए लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जायेगा. सीट बेल्ट न पहनने पर पांच हजार, हेल्मेट न पहनने पर ढाई हजार, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाते पाये जाने पर पहली बार चार हजार जुर्माना, दूसरी बार छह हजार, तीसरी बार दस हजार रूपया जुर्माना वसूला जायेगा.
शराब पीकर वाहन चलाने पर 50 हजार रूपये जुर्माना के साथ एक साल की सजा और छह माह तक लाईसेंस सस्पेंड कर दिया जायेगा. ओवरटेक करते पाये जाने पर पांच हजार से 50 हजार रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है.
पूर्व सूचना न होने से यात्री हलकान
मिनी बसों एवं बडे बसों का परिचालन बंद रहने से बस मालिकों को तकरीबन तीन करोड रूपयों के आर्थिक क्षति होने की आशंका है. बसों के बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पडा. सिटी बस स्टैंड में सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जमा हो गई थी. आम यात्रियों को बस हड़ताल की पूर्व सूचना नहीं थी. आसनसोल स्टेशन से बर्नपुर, हॉट्टन रोड, इस्माइल, बीएनआर आदि को जाने वाले यात्रियों को भी बस न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा. विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बीमार और बच्चों को बसें बंद होने से परेशानी हुई.
बसों का परिचालन बंद रहने से ऑटो एवं टोटो चालकों एवं प्राइवेट गाड़ियों के मनमाने किराया लेने को लेकर कई स्थानों पर यात्रियों एवं चालकों के बीच तीखी नोंक-झोंक देखने को मिली. आसनसोल स्टेशन आने के क्रम में गोराई रोड के युवक एवं ऑटो चालक के बीच किराये को लेकर कुछ मिनटों तक विवाद होता रहा. युवक ने चालक से गोराइ रोड से स्टेशन तक का दोगुना किराया लेने का आरोप लगाया. चालक ने हडताल के दिन ज्यादा किराया लिये जाने को सामान्य बात कहते हुए दोगुना किराये की बात को खारिज कर दिया.
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