बराकर. बराकर एवं आसपास के कई मोहल्लों में पेयजल का संकट गहराने लगा है. वार्ड नंबर 68 अंतर्गत करीम डंगाल, डिपू डंगाल, गायत्नी नगर, नैनीजोर खटाल तथा मानबडिया (पश्चिम) में जल स्त्रोत नहीं हैं. निवासियों को दूर-दराज इलाकों से पेयजल लाना पड़ रहा है.
निवासियों ने कहा कि पेयजल संकट से सभी परेशान हैं. बच्चे सुबह स्कूल जाने के पहले साइकिल से पानी लाने निकल जाते है. करीम डंगाल से लेकर डिपू डंगाल के चारों ओर पिछले 20 वर्षों से पेयजल के स्त्रोतों की कोई व्यवस्था नहीं है. लोग जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार करके पीने का पानी की व्यवस्था करते हैं. निवासियों का कहना है कि पांच माह पूर्व मेयर जितेन्द्र तिवारी ने मुहल्ले में आयोजित सभा में कहा था कि विकास के लिए सर्वे टीम आयेगी. पेयजल की व्यवस्था शीघ्र की जायेगी. कुछ समय के बाद निवासियों ने पेयजल की मांग के समर्थन में सड़क जाम आंदोलन किया था.
नगर निगम की टीम ने करीम डंगाल का सर्वे किया. मानबाडिया पश्चिम के कुछ भागों में पाइप बिछाई गयी है. एक दो नलों में एक दिन बाद पानी आता है. पानी के लिए महिलाएं सुबह से ही इंतजार करती रहती है. उन्होंने कहा कि इन नलों पर पानी के लिए कई बार आपस में मारपीट हो चुकी है. गर्मी आते ही कुआं और तालाब सूख जाते हैं. जानवरों तक को भी पीने का पानी नहीं मिलता है. स्थानीय सांसद सह केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रिय ने संसदीय चुनाव में घोषणा की थी कि उनकी प्राथमिकता पेयजल समस्या का समाधान होगा.
